
Saudi Arabia Tourism Growth : 2019 के मुकाबले 2025 में सऊदी अरब में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या 67% बढ़ी, PC- Chatgpt
Saudi Arabia Tourism Growth : 2019 के मुकाबले 2025 में दुनिया की पर्यटन तस्वीर काफी बदल चुकी है। कुछ देशों ने कोविड-पूर्व दौर से भी कहीं ज्यादा पर्यटक आकर्षित किए हैं, तो कुछ देश अब तक उस स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं। OECD की रिपोर्ट 'Tourism Trends and Policies 2026' में इन बदलावों की पूरी तस्वीर सामने आई है, जो 53 देशों के अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आगमन के आंकड़ों पर आधारित है।
इस पूरी सूची में सऊदी अरब सबसे आगे है। 2019 की तुलना में 2025 में वहां 67% ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पर्यटक पहुंचे। यह बढ़त संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का नतीजा है। देश की Vision 2030 योजना के तहत तेल पर निर्भरता घटाने और अर्थव्यवस्था को विविधता देने की कोशिश हो रही है, जिसमें पर्यटन को एक प्रमुख स्तंभ बनाया गया है। इसके लिए कई कदम उठाए गए।
इसी दौर में देश की 'Quality of Life' योजना के तहत मनोरंजन, त्योहारों और बुनियादी ढांचे में अरबों डॉलर का निवेश हुआ है, जिसने विदेशी यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाया।
सऊदी अरब के बाद मोरक्को (+53%) और मिस्र (+47%) का नंबर आता है। मोरक्को अफ्रीका के एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभरा है, जहां यूरोपीय पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। वहीं मिस्र में पिरामिड और ऐतिहासिक स्थलों की लोकप्रियता के साथ-साथ पर्यटन ढांचे में हुए सुधारों का सीधा असर देखने को मिला है।
लातिन अमेरिका में भी उत्साहजनक तस्वीर है। ब्राजील (+46%) में प्राकृतिक पर्यटन और बड़े आयोजनों ने विदेशी यात्रियों को आकर्षित किया, जबकि कोलंबिया (+45%) ने सुरक्षा स्थिति में सुधार और नई पर्यटन पहलों का फायदा उठाया। इसी क्षेत्र में चिली भी 33% की बढ़त के साथ आगे बढ़ा है।
यूरोप के ज्यादातर देश 2019 के स्तर तक पहुंच चुके हैं या उससे आगे निकल गए हैं, हालांकि उनकी बढ़त मध्य-पूर्व और उत्तरी अफ्रीका जितनी तेज नहीं रही। नॉर्वे (+28%), सर्बिया (+27%), डेनमार्क (+22%), पुर्तगाल (+20%), स्पेन (+16%) और फ्रांस (+12%) जैसे देशों ने अच्छी बढ़त दर्ज की। वहीं जर्मनी (-6%) और इटली (-5%) जैसे बड़े यूरोपीय पर्यटन केंद्र अब भी 2019 के आंकड़ों से थोड़ा पीछे हैं।
| रैंक | देश | बदलाव (%) |
|---|---|---|
| 🥇 | 🇸🇦 सऊदी अरब | +67% |
| 🥈 | 🇲🇦 मोरक्को | +53% |
| 🥉 | 🇪🇬 मिस्र | +47% |
| 4 | 🇧🇷 ब्राजील | +46% |
| 5 | 🇨🇴 कोलंबिया | +45% |
| 6 | 🇯🇵 जापान | +34% |
| 7 | 🇪🇸 स्पेन | +16% |
| 8 | 🇫🇷 फ्रांस | +12% |
| 🌍 | दुनिया का औसत | +4% |
| 9 | 🇺🇸 अमेरिका | -14% |
| 10 | 🇹🇭 थाईलैंड | -17% |
| 11 | 🇵🇪 पेरू | -22% |
| 12 | 🇦🇷 अर्जेंटीना | -23% |
| 13 | 🇮🇪 आयरलैंड | -32% |
| 14 | 🇮🇱 इजरायल | -71% |
इस पूरी सूची में सबसे बड़ी गिरावट इजरायल की रही, जहां अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या 2019 के मुकाबले 71% कम रही। अक्टूबर 2023 में शुरू हुए गाजा संघर्ष का सीधा असर इस गिरावट पर पड़ा है। कई देशों की यात्रा सलाह (travel advisories), उड़ानों में कटौती और सुरक्षा को लेकर बनी अनिश्चितता ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को इजरायल आने से रोका।
आयरलैंड (-32%) भी उन देशों में शामिल है जो महामारी के बाद पूरी तरह उबर नहीं पाए। अर्जेंटीना (-23%) में आर्थिक चुनौतियों और महंगाई का असर पर्यटन पर भी पड़ा, जबकि पेरू (-22%) में राजनीतिक अस्थिरता ने पर्यटन गतिविधियों को प्रभावित किया।
महामारी के दौरान लंबे समय तक सीमाएं बंद रहने का असर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के कई देशों पर अब भी दिख रहा है। थाईलैंड (-17%), न्यूज़ीलैंड (-9%) और ऑस्ट्रेलिया (-6%) अब तक अपने 2019 के स्तर तक पूरी तरह वापस नहीं लौट पाए हैं। उत्तर अमेरिका की तस्वीर भी मिली-जुली है। अमेरिका (-14%) और कनाडा (-11%) दोनों में विदेशी पर्यटकों की संख्या 2019 से कम रही।
2019 से 2025 के बीच वैश्विक पर्यटन का नक्शा तीन चीजों के इर्द-गिर्द घूमता नजर आता है - सरकारी निवेश और नीति (जैसे सऊदी अरब का Vision 2030), सुरक्षा और भू-राजनीतिक स्थिरता (जैसे इजरायल और गाजा संघर्ष का असर), और महामारी के बाद की रिकवरी की रफ्तार, जो हर क्षेत्र में अलग-अलग रही।
(स्रोत: OECD Tourism Trends and Policies 2026)
Updated on:
24 Jul 2026 10:18 am
Published on:
24 Jul 2026 10:12 am
