
प्रतीकात्मक तस्वीर | Credit- ChatGPT AI
जब नींद पूरी नहीं होती और तनाव बढ़ता है, तो यह सिर्फ थकावट नहीं - यह आपके पूरे शरीर और मन को प्रभावित कर सकता है। चलिए समझते हैं कि कैसे और क्यों, और बचाव के लिए क्या करें।
National Sleep Foundation के हालिया अध्ययन (अप्रैल 2026) में 21 लोगों को सात दिनों तक पहनने योग्य डिवाइस से मॉनिटर किया गया। इसमें पाया गया कि तनाव के बढ़ने से REM (सपनों वाला) नींद का हिस्सा 6.6 अंक बढ़ गया, जबकि गहरी नींद (N3) 5.7 अंक कम हुई। यानी तनाव से नींद का संतुलन बिगड़ता है, जिससे नींद पूरी नहीं होती और शरीर ठीक से आराम नहीं पाता।
शोधकर्ताओं ने पाया है कि नियमित नींद (7–9 घंटे) की बजाय 6.2 घंटे सोया, उनमें तनाव और चिंता के स्तर में स्पष्ट वृद्धि देखी गई।
नेशनल हार्ट, लंग, एंड ब्लड इंस्टीट्यूट (NHLBI) के अनुसार, नियमित रूप से 7–8 घंटे की नींद लेने वाले वयस्कों में मोटापा और उच्च रक्तचाप का जोखिम कम होता है। वहीं, नींद की कमी से भूख बढ़ाने वाला हार्मोन (ghrelin) बढ़ता है और संतुष्टि वाला हार्मोन (leptin) घटता है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा बढ़ता है।
NIH की एक समीक्षा में बताया गया कि 7–8 घंटे से कम या अधिक नींद लेने वालों में टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाता है। साथ ही, नींद की कमी से उच्च रक्तचाप और हृदय रोग का खतरा भी बढ़ता है।
एक व्यापक समीक्षा में यह पाया गया कि कम नींद (<7 घंटे) से हृदय रोग, स्ट्रोक, मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ता है।
हार्वर्ड हेल्थ (2025) की रिपोर्ट बताती है कि नींद की कमी से शरीर में तनाव हार्मोन और सूजन बढ़ती है, जिससे हृदय रोग, डायबिटीज, स्ट्रोक और अवसाद का खतरा बढ़ता है।
मायो क्लिनिक (जुलाई 2026) के अनुसार, लगातार तनाव से सिरदर्द, नींद में खलल और दिल की बीमारी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
नींद की कमी से तनाव बढ़ता है, और तनाव से नींद और खराब होती है - यह एक बुरा चक्र बन जाता है। PMC पर प्रकाशित शोध बताता है कि नींद में खलल से मानसिक स्वास्थ्य, अकेलापन, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ती हैं।
नींद की कमी से शरीर का तनाव प्रतिक्रिया तंत्र (autonomic nervous system) भी असंतुलित हो जाता है, जिससे रक्तचाप और हार्मोनल प्रतिक्रिया बिगड़ सकती है।
अगर आपकी नींद की समस्या लगातार 3 महीने तक बनी हुई है और सप्ताह में कम से कम 3 रातें आपको पर्याप्त नींद नहीं मिलती, या दिन में थकावट, चिड़चिड़ापन, ध्यान लगाने में कठिनाई और याददाश्त में कमी महसूस होती है, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। खासकर यदि तनाव और नींद की समस्या एक साथ बनी हुई हो।
हेल्थलाइन और सीएनएनहेल्थ के मुताबिक, नींद और तनाव को सुधारने के लिए कुछ आसान कदम:
ध्यान दें: यदि आप महसूस करते हैं कि नींद और तनाव आपके रोजमर्रा के काम, मूड या स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं, तो सबसे पहले अपनी नींद की आदतों को सुधारने की कोशिश करें। फिर भी सुधार न हो तो डॉक्टर से मिलकर नींद की जांच और तनाव प्रबंधन के उपाय अपनाएं। यह आपकी सेहत और जीवन की गुणवत्ता दोनों के लिए जरूरी है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी गंभीर समस्या के लिए योग्य डॉक्टर से संपर्क करें।)
Updated on:
29 Jul 2026 11:56 am
Published on:
29 Jul 2026 11:56 am
