
Suman Roadmap 2030: सुरक्षित मातृत्व और भविष्य भी (AI Creative)
SUMAN Roadmap 2030: क्या आपने कभी सोचा है कि मातृत्व और नवजात देखभाल में सुधार की कितनी संभावनाएं हैं? SUMAN रोडमैप 2030 और एनीमिया मुक्त भारत अभियान से जुड़कर जानिए कैसे ये पहल आपके और आपके परिवार के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकती हैं?
दरअसल, SUMAN रोडमैप 2030 और एनीमिया मुक्त भारत अभियान कैसे एनीमिया और नवजात देखभाल से जुड़ी चुनौतियों को हल करने में मदद कर रहे हैं। विशेष रूप से उन महिलाओं और परिवारों के लिए जो इस यात्रा में शामिल हैं।
SUMAN रोडमैप 2030 (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन) को 29 जून 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद (CCHFW) की 16वीं बैठक में लॉन्च किया। यह एक व्यापक रणनीतिक रूपरेखा है, जिसका उद्देश्य 2030 तक मातृ मृत्यु दर (MMR) को प्रति 1,00,000 जीवित जन्मों पर 70 से नीचे लाना, नवजात (NMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में कमी लाना और रोके जा सकने वाली मातृ एवं नवजात मौतों को शून्य तक पहुंचाना है।
यह रोडमैप RMNCHA+N (प्रजनन, मातृ, नवजात, शिशु, किशोर स्वास्थ्य एवं पोषण) फ्रेमवर्क पर आधारित है और गर्भावस्था से लेकर प्रसवोत्तर देखभाल तक जीवनचक्र के सभी चरणों में हस्तक्षेप करता है। इसमें 13 उच्च-फोकस राज्यों के 130 जिलों को लक्षित किया गया है। इनमें असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, फिलहाल भारत की मातृ मृत्यु दर (MMR) 87 (2022-24 के आंकड़े), शिशु मृत्यु दर (IMR) 24 प्रति 1,000 जीवित जन्म और नवजात मृत्यु दर (NMR) 18 प्रति 1,000 जीवित जन्म है। यानी MMR को 87 से घटाकर 70 से नीचे लाने का लक्ष्य, पिछले दशक की प्रगति की गति से भी ज्यादा तेजी की मांग करता है।
उसी दिन, 29 जून 2026 को, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एनीमिया मुक्त भारत अभियान के ऑपरेशनल गाइडलाइंस जारी की। यह कार्यक्रम अब केवल रोकथाम (प्रोफिलैक्टिक) तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षण, उपचार, सलाह और ट्रैकिंग (T4: टेस्ट, ट्रीट, टॉक, ट्रैक) पर केंद्रित है। यानी सरकार अब इनपुट-आधारित दृष्टिकोण (सिर्फ आयरन गोलियां बांटना) से हटकर परिणाम-आधारित दृष्टिकोण (जांच, इलाज और पूरी तरह ठीक होने तक ट्रैकिंग) अपना रही है।
SUMAN रोडमैप 2030 और एनीमिया मुक्त भारत अभियान दोनों ही जीवनचक्र दृष्टिकोण अपनाते हैं, गर्भावस्था से लेकर नवजात देखभाल तक। SUMAN में पोषण हस्तक्षेप और एनीमिया प्रबंधन शामिल हैं, जबकि एनीमिया मुक्त भारत अभियान में नवजात और मातृ स्वास्थ्य के लिए एनीमिया की रोकथाम और उपचार पर विशेष ध्यान दिया गया है।
यदि आप गर्भवती हैं, नवजात देखभाल कर रही हैं, या परिवार में कोई इस दौर से गुजर रहा है, तो यह जानना महत्वपूर्ण है कि अब-
यदि आप या आपके परिवार में कोई गर्भवती हैं, तो सुनिश्चित करें कि:
कुल मिलाकर इस इस नए ढांचे से उम्मीद की जा सकती है कि माताएं और नवजात दोनों सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें और हर परिवार के लिए यह एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत हो।
Updated on:
22 Aug 2026 01:19 pm
Published on:
22 Aug 2026 01:19 pm
