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वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी: पुरानी गाड़ी कब और कैसे स्क्रैप करें? सर्टिफिकेट दिखाने पर क्या-क्या फायदे मिलते हैं?

Vehicle Scrappage Policy India : वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी क्या है और पुरानी गाड़ी कब और कैसे स्क्रैप करें? जानिए अधिकृत RVSF केंद्र की प्रक्रिया, स्क्रैप सर्टिफिकेट (CoD) के फायदे और नए वाहन पर मिलने वाली छूट।
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Vehicle Scrappage Policy India

Vehicle Scrappage Policy India : क्या है स्क्रैप पॉलिसी।

भारत में वाहन स्क्रैपिंग नीति (Vehicle Scrappage Policy) का उद्देश्य सड़कों से पुराने, प्रदूषण फैलाने वाले और अनफिट वाहनों को हटाना है। सरकार का मानना है कि पुराने वाहन न सिर्फ अधिक प्रदूषण फैलाते हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं। इसी वजह से केंद्र सरकार ने स्क्रैपिंग पॉलिसी लागू की और कई राज्य सरकारें इसके साथ अतिरिक्त प्रोत्साहन (Incentives) भी दे रही हैं।

अगर आपके पास पुरानी कार, बाइक, बस या ट्रक है, तो यह जानना जरूरी है कि उसे कब स्क्रैप करना होगा, कैसे करवाना होगा और बदले में आपको क्या लाभ मिल सकता है।

आखिर वाहन स्क्रैपिंग है क्या?

वाहन स्क्रैपिंग वह प्रक्रिया है जिसमें पुराने, क्षतिग्रस्त या अनफिट वाहन को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त Registered Vehicle Scrapping Facility (RVSF) में जमा किया जाता है। वहां वाहन को वैज्ञानिक तरीके से तोड़कर उसकी धातु और अन्य हिस्सों को रिसाइकिल किया जाता है।

स्क्रैपिंग पूरी होने के बाद वाहन का रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड बंद कर दिया जाता है और मालिक को Certificate of Deposit (CoD) जारी किया जाता है। यही दस्तावेज आगे मिलने वाले अधिकांश लाभों की चाबी होता है।

किन गाड़ियों को स्क्रैप करवा सकते हैं?

हर पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करना जरूरी नहीं होता, लेकिन कुछ स्थितियों में इसकी सलाह या आवश्यकता होती है।

निजी वाहन (Private Vehicles)

  • 20 वर्ष या उससे अधिक पुराने वाहन
  • फिटनेस टेस्ट में फेल होने वाले वाहन
  • अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहन
  • दुर्घटना में बुरी तरह क्षतिग्रस्त वाहन

व्यावसायिक वाहन (Commercial Vehicles)

  • 15 वर्ष या उससे अधिक पुराने वाहन
  • फिटनेस टेस्ट पास न करने वाले वाहन
  • परिवहन नियमों के अनुरूप न पाए जाने वाले वाहन
  • दिल्ली-NCR में नियम ज्यादा सख्त

दिल्ली-NCR में 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहन, 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन चलाने पर प्रतिबंध है। ऐसे वाहनों के मालिक अक्सर स्क्रैपिंग का विकल्प चुनते हैं।

वाहन को स्क्रैप कैसे करवाएं?

प्रक्रिया काफी सरल है, लेकिन इसे केवल अधिकृत केंद्र के माध्यम से ही पूरा करना चाहिए।

जरूरी दस्तावेज

  • मूल RC (Registration Certificate)
  • आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र
  • पैन कार्ड
  • पता प्रमाण
  • बैंक खाते का विवरण

पूरी प्रक्रिया
चरण 1: नजदीकी अधिकृत RVSF केंद्र चुनें।
चरण 2: वाहन और दस्तावेज जमा करें।
चरण 3: वाहन की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन होगा।
चरण 4: वाहन का रिकॉर्ड VAHAN पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा।
चरण 5: वाहन को स्क्रैप किया जाएगा।
चरण 6: आपको Certificate of Deposit (CoD) जारी किया जाएगा।
चरण 7: स्क्रैप धातु की कीमत का भुगतान बैंक खाते या चेक के माध्यम से किया जाएगा।
स्क्रैप प्रमाणपत्र (CoD) दिखाने पर क्या-क्या लाभ मिलते हैं?

अधिकांश लोग यही नहीं जानते कि स्क्रैपिंग के बाद मिलने वाला CoD सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि कई आर्थिक लाभों का आधार है।

स्क्रैप वैल्यू का भुगतान : वाहन में मौजूद लोहे, स्टील, एल्यूमीनियम और अन्य सामग्री की कीमत आपको दी जाती है।
नए वाहन पर कंपनी का डिस्काउंट : कई ऑटोमोबाइल कंपनियां स्क्रैप प्रमाणपत्र दिखाने पर अतिरिक्त एक्सचेंज या स्क्रैपेज बोनस देती हैं।
रजिस्ट्रेशन फीस में छूट : केंद्र सरकार की स्क्रैपिंग नीति के तहत नया वाहन खरीदने पर रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट का प्रावधान है।

रोड टैक्स में राहत : कुछ राज्य सरकारें स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र दिखाने पर रोड टैक्स में छूट देती हैं।

EV खरीदने पर अतिरिक्त इंसेंटिव : दिल्ली जैसे राज्यों में CoD दिखाने पर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर अतिरिक्त नकद प्रोत्साहन मिलता है।

दिल्ली की EV पॉलिसी से स्क्रैपिंग का क्या संबंध है?

दिल्ली सरकार ने अपनी EV नीति 2026 को स्क्रैपिंग नीति से जोड़ दिया है। इसका मकसद पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। यानी अगर आप पुराना BS-IV या उससे पुराना वाहन स्क्रैप करते हैं और निर्धारित समय सीमा के भीतर नई EV खरीदते हैं, तो आपको अतिरिक्त लाभ मिल सकते हैं।

EV खरीदने पर अलग से क्या लाभ हैं?

  • 100% रोड टैक्स छूट
  • ₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स पूरी तरह माफ है।
  • 100% रजिस्ट्रेशन फीस छूट
  • पात्र EV पर रजिस्ट्रेशन शुल्क भी नहीं देना पड़ता।
  • DBT के जरिए भुगतान
  • स्क्रैपिंग इंसेंटिव सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है।

दिल्ली की "परिवर्तन योजना" क्या है?

दिल्ली सरकार की "परिवर्तन योजना" मुख्य रूप से पुराने ट्रकों और बसों को हटाने के लिए लाई गई है। इसके तहत पुराना वाहन स्क्रैप करें, नया इलेक्ट्रिक या BS-VI वाहन खरीदें तो मोटर वाहन कर और रजिस्ट्रेशन फीस में बड़ी राहत मिल सकती है। यह व्यावसायिक वाहन मालिकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण योजना मानी जा रही है।

सबसे अच्छी स्क्रैप पॉलिसी किस राज्य की है?

इस सवाल का कोई आधिकारिक जवाब नहीं है, क्योंकि केंद्र सरकार ने राज्यों की ऐसी कोई रैंकिंग जारी नहीं की है। फिर भी यदि उपलब्ध प्रोत्साहनों को देखें तो दिल्ली सबसे आक्रामक राज्यों में दिखाई देती है। दिल्ली क्यों आगे मानी जा रही है?

  • स्क्रैपिंग पर ₹1 लाख तक का इंसेंटिव
  • EV खरीद पर 100% रोड टैक्स छूट
  • 100% रजिस्ट्रेशन फीस छूट
  • DBT के जरिए सीधा भुगतान
  • बड़े पैमाने पर EV चार्जिंग नेटवर्क विस्तार की योजना
  • पुरानी BS-IV और उससे पुराने वाहनों को हटाने पर विशेष फोकस