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तमिलनाडु में जल संकट गहराया: पर्याप्त बारिश के बावजूद जलाशयों में 33.7 प्रतिशत क्षमता बची

तमिलनाडु में जल संकट गहरा गया है। तमिलनाडु में व्यापक बारिश होने के बावजूद जलाशयों में पानी की कमी है।
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भारत

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Vinay Shakya

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Updated: 3 Nov 2026, 2:15 PM IST

water crisis in tamilnadu

सांकेतिक इमेज (सोर्स- Janani)

तमिलनाडु में जल संकट गहरा गया है। तमिलनाडु में व्यापक बारिश होने के बावजूद जलाशयों में पानी की कमी है। पूरे तमिलनाडु में व्यापक बारिश होने के बावजूद, अधिकांश जलाशयों में जल स्तर चिंताजनक रूप से कम बना हुआ है। आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता को लेकर संकट नजर आ रहा है।

तमिलनाडु के जलाशयों में पानी की स्थिति

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य के 90 जलाशयों में कुल मिलाकर केवल 75.7 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (टीएमसी) पानी है, जो उनकी कुल भंडारण क्षमता का मात्र 33.7 प्रतिशत है। केवल तीन जलाशय अपनी पूरी क्षमता तक भरे हैं जबकि 43 जलाशयों में 25 प्रतिशत से भी कम पानी है। इसके अलावा, 24 जलाशयों में पानी का स्तर 50 प्रतिशत से कम है जो अपर्याप्त बारिश और लंबे समय तक पड़ी भीषण गर्मी के लगातार असर को दर्शाता है।

हालांकि पश्चिमी घाट से सटे जिलों में पिछले कुछ दिनों से पूर्वोत्तर मानसून की बारिश हो रही है और हाल ही में उत्तरी तमिलनाडु के व्यापक हिस्सों में भी बारिश हुई है लेकिन इससे जलाशयों के जल भंडारण में अभी तक कोई खास सुधार नहीं आया है।

जल संकट का कारण

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का मानना ​​है कि इस स्थिति के मुख्य कारण लंबे समय तक सूखा मौसम और भीषण गर्मी हैं जिसके चलते जलाशयों की तलहटी पूरी तरह सूख गई है। 'डैम प्रोटेक्शन मूवमेंट' से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि 'अल नीनो' मौसमी घटना के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून में कम बारिश हुई, जिसके परिणामस्वरूप कई जलाशयों में जल स्तर में भारी गिरावट आई है।

भंडारण स्तर घटने से जलाशयों की तलहटी का एक बड़ा हिस्सा बाहर दिखाई देने लगा है। लगातार उच्च तापमान के कारण वहां जमा गाद और मिट्टी सूख गई है, जिससे उनमें बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। अधिकारी ने बताया कि अभी जो बारिश हो रही है, उसे सूखी हुई तलहटी तेजी से सोख रही है। यही वजह है कि जल भंडारण में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है।

सतह पर पानी का अच्छा-खासा भंडार जमा होने से पहले, मिट्टी में नमी वापस लाने और भूजल की स्थिति में सुधार करने के लिए लगातार बारिश होना जरूरी है। फिर भी, कुछ जलाशयों में जल भंडारण का स्तर उत्साहजनक है। इनमें तेनकासी का गुंडर, कन्याकुमारी का मंबाझथुरैयार, थेनी का सोथुपराई, विरुधुनगर का सास्था कोइल और कुल्लुरसंडई, तथा डिंडीगुल का वरधमनाधी जलाशय शामिल हैं जहां जल भंडारण क्षमता 95 प्रतिशत से अधिक हो गई है।

पेरुवरिपल्लम जलाशय में जल भंडारण 95% से अधिक

कोयंबटूर जल संसाधन विभाग के अंतर्गत आने वाले पेरुवरिपल्लम जलाशय में भी जल भंडारण 95 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जलाशयों में जल भंडारण का यह असमान वितरण इस बात की ओर इशारा करता है कि पूरे तमिलनाडु में जल संसाधनों को फिर से बहाल करने के लिए लगातार मानसून बारिश की आवश्यकता है। पूर्वोत्तर मानसून के जारी रहने के बीच, अधिकारी बारिश के पैटर्न और जलाशयों में पानी की आवक पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, ताकि यह आकलन किया जा सके कि आने वाले हफ्तों में जल भंडारण के स्तर में सुधार होगा या नहीं।