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WhatsApp पर आने वाले Fake जॉब ऑफर की पहचान कैसे करें? यहां समझें पूरी गाइड

आज के डिजिटल युग में ठगी के तरीके भी बदल गए हैं। लोगों को चूना लगाने के लिए शातिर ठग हर दिन नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं। आज के समय में Fake जॉब ऑफर के नाम पर भी ठगी हो रही है। ऐसे समय में जानकारी और सतर्कता ही डिजिटल ठगों से बचने का सबसे कारगर हथियार है।
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भारत

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Vinay Shakya

Aug 21, 2026

avoid fake job offers scam

सांकेतिक इमेज (सोर्स-ChatGpt)

देश में जैसे-जैसे ऑनलाइन नौकरी की तलाश बढ़ी है। वैसे-वैसे WhatsApp और टेलीग्राम के जरिए फैलने वाले फर्जी जॉब ऑफर भी तेजी से बढ़ गए हैं। साइबर ठग अब नामी कंपनियों और सरकारी विभागों के नाम का सहारा लेकर बेरोजगार युवाओं को झांसे में ले रहे हैं। हाल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 40 प्रतिशत से ज्यादा वॉट्सऐप यूजर्स को कभी न कभी ऐसा फर्जी जॉब ऑफर मिल चुका है। इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए मेटा भी WhatsApp में एक 'Scam Alert' और 'Scam Detection' फीचर टेस्ट कर रहा है, जो संदिग्ध नंबरों से आने वाले मैसेज में धोखाधड़ी के संकेत मिलते ही यूजर को चैट के भीतर चेतावनी देगा।

फर्जी जॉब ऑफर कैसे पहचानें?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और पुलिस विभागों की सलाह के मुताबिक, कुछ संकेत साफ बताते हैं कि सामने आया ऑफर असली नहीं है। सबसे पहला संकेत है- अनजान नंबर, खासकर विदेशी कोड (जैसे +251, +234, +62, +63) वाले नंबर से बिना आवेदन किए सीधे जॉब ऑफर आना। दूसरा संकेत है- बिना किसी इंटरव्यू या स्किल जांचे तुरंत नौकरी 'कन्फर्म' कर देना।

तीसरा संकेत है- यूट्यूब वीडियो लाइक करने, गूगल रिव्यू लिखने या प्रोडक्ट कार्ट में डालने जैसे बेहद आसान काम के बदले हर दिन 500 से 5,000 रुपये तक कमाई का वादा करने वाले ऑफर, जो व्यावहारिक रूप से असंभव है। इसके अलावा बार-बार जल्दी जवाब मांगना, 'स्लॉट बुक कर लो' या 'ग्रुप जॉइन करो' जैसी बातें कहकर दवाब बनाना और शुरुआत में ही बैंक डिटेल्स, आधार नंबर या OTP मांगना भी साफ संकेत हैं कि मामला फर्जी है। असली कंपनियां कभी भी काम शुरू होने से पहले ऐसी संवेदनशील जानकारी नहीं मांगतीं हैं।

फर्जी ऑफर लेटर के क्या संकेत हैं?

गृह मंत्रालय ने कुछ समय पहले जॉब ऑफर लेटर की सत्यता परखने के लिए कुछ आसान तरीके साझा किए थे। अगर आवेदन के तय समय से पहले ही ऑफर लेटर मिल जाए तो यह संदेह का पहला कारण है। इसके अलावा लेटर में जिस कंपनी का नाम है, वह किस क्षेत्र में काम करती है, और जिस पद के लिए ऑफर दिया गया है, उसकी योग्यता से यह मेल खाता है या नहीं? यह जरूर जांचना चाहिए।

ऑफर लेटर की भाषा, कंपनी का लोगो, मुहर और हस्ताक्षर पर भी गौर करना जरूरी है, क्योंकि नकली लेटर में अक्सर वर्तनी या फॉर्मेटिंग की गलतियां रह जाती हैं। सबसे अहम संकेत है ईमेल ID- अगर ऑफर लेटर कंपनी की आधिकारिक डोमेन ईमेल के बजाय जीमेल, याहू जैसी सामान्य आईडी या सीधे व्हाट्सएप मैसेज से आया है, तो उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए। संदेह होने पर संबंधित विभाग या कंपनी के आधिकारिक पते या टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके ऑफर लेटर का सत्यापन कराया जा सकता है।

नौकरी के नाम पर ठगी होने पर क्या करें?

अगर किसी को शक है कि वह जॉब ऑफर के जाल में फंस चुका है या पहले ही पैसे गंवा चुका है, तो सबसे पहला काम है घबराए बिना सारे सबूत सुरक्षित रखना। इसमे स्क्रीनशॉट, चैट, पेमेंट डिटेल्स और ठगों को भेजे गए दस्तावेज जैसे साक्ष्य रखना जरूरी है। इसके बाद तुरंत अपने बैंक को सूचित कर लेनदेन रोकने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि साइबर धोखाधड़ी में शुरुआती कुछ घंटे बेहद अहम होते हैं। परिवार या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को भी घटना की जानकारी देनी चाहिए, ताकि आगे कोई और नुकसान न हो। इसके साथ ही उस नंबर या प्रोफाइल को व्हाट्सएप पर तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करना चाहिए, जिसके लिए ऐप में सीधा विकल्प मौजूद है।

ठगी की शिकायत कहां करें?

केंद्र सरकार का राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल इसके लिए सबसे अहम माध्यम है। पीड़ित www.cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। शिकायत दर्ज कराने के बाद मिलने वाला एकनॉलेजमेंट नंबर संभालकर रखना चाहिए, क्योंकि आगे की जांच में यही मुख्य संदर्भ बनता है। अगर ऑनलाइन शिकायत से तुरंत राहत न मिले, तो नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर FIR भी दर्ज कराई जा सकती है। साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए गृह मंत्रालय के आधिकारिक हैंडल 'साइबर दोस्त' को भी फॉलो कर सकते हैं।

ठगी से बचाव के तरीके

सबसे जरूरी नियम यही है कि कोई भी असली और रजिस्टर्ड कंपनी नौकरी देने के बदले कभी पैसे नहीं मांगती है, न ही रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर, न सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर, न ट्रेनिंग या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर। किसी भी ऑफर पर भरोसा करने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, लिंक्डइन प्रोफाइल और करियर पेज पर जाकर उसे वेरिफाई करना चाहिए। भर्ती करने वाला खुद को किसी कंपनी का HR मैनेजर बताए तो उस कंपनी में सीधे संपर्क कर पुष्टि करनी चाहिए।

किसी भी अनजान लिंक पर सीधे क्लिक करने के बजाय उसे मैन्युअली ब्राउजर में टाइप करना सुरक्षित रहता है। 'लिमिटेड टाइम ऑफर' या 'अर्जेंट हायरिंग' जैसे दबाव बनाने वाले शब्द भी सतर्क होने का संकेत हैं। साथ ही WhatsApp की सुरक्षा सेटिंग्स में टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखना, अनजान नंबरों से आए ग्रुप इनविटेशन स्वीकार न करना और कभी भी OTP, बैंकिंग जानकारी या मोबाइल स्क्रीन किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करना भी जरूरी सावधानियां हैं। जानकारी और सतर्कता ही ऐसे डिजिटल ठगों से बचने का सबसे कारगर हथियार है।