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राजस्थान के इस शहर में बावडिय़ां भी नहीं सुरक्षित, हरपल हादसे का खतरा

जोधपुर शहर में खरबूजा बावड़ी की दीवार ढही, अन्य बावडिय़ों पर भी मंडरा रहा है खतरा, क्योंकि बावडिय़ों की मरम्मत व जीर्णोद्वार के लिए गंभीर नहीं है प्रशासन
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Bawadian is not safe in Jodhpur, danger of accident

सूरसागर तालाब में जाता था पानी-कुछ दशक पहले तक खरबूजा बावड़ी का पानी ओवरफ्लो होकर सूरसागर तालाब में जाता था। लेकिन वर्तमान में सूरसागर तालाब और बावड़ी के बीच जगह-जगह अतिक्रमण के हालात बने हुए हैं। कुछ दिन पहले ही इस बावड़ी के पास से लोग मिट्टी खोद कर ले गए थे। इस कारण से भी बावड़ी के पानी का प्रेशर दीवार की तरफ बढ़ा।

Bawadian is not safe in Jodhpur, danger of accident

सूरसागर तालाब में जाता था पानी-कुछ दशक पहले तक खरबूजा बावड़ी का पानी ओवरफ्लो होकर सूरसागर तालाब में जाता था। लेकिन वर्तमान में सूरसागर तालाब और बावड़ी के बीच जगह-जगह अतिक्रमण के हालात बने हुए हैं। कुछ दिन पहले ही इस बावड़ी के पास से लोग मिट्टी खोद कर ले गए थे। इस कारण से भी बावड़ी के पानी का प्रेशर दीवार की तरफ बढ़ा।

Bawadian is not safe in Jodhpur, danger of accident

पहले पनपते थे खरबूजे-सूरसागर की खरबूजा बावड़ी के पानी से आस-पास क्षेत्र में मीठे खरबूजों की खेती होती थी। जोधपुर शहर में इंदिरा गांधी नहर की आपूर्ति शुरू होने के बाद लोगों ने प्राचीन जलस्रोतों को भुला दिया। इस उपेक्षा की शिकार खरबूजा बावड़ी भी हुई। स्वार्थ रूपी खंजरों के घाव से बावड़ी में सीवरेज का पानी भी जाने लगा। वर्तमान में बावड़ी में सीवरेज का गंदा पानी भरा है। दो दिन पहले तेज बरसात आई तो यह बावड़ी दबाव झेल नहीं पाई और दीवार ढह गई।

Bawadian is not safe in Jodhpur, danger of accident

पहले पनपते थे खरबूजे-सूरसागर की खरबूजा बावड़ी के पानी से आस-पास क्षेत्र में मीठे खरबूजों की खेती होती थी। जोधपुर शहर में इंदिरा गांधी नहर की आपूर्ति शुरू होने के बाद लोगों ने प्राचीन जलस्रोतों को भुला दिया। इस उपेक्षा की शिकार खरबूजा बावड़ी भी हुई। स्वार्थ रूपी खंजरों के घाव से बावड़ी में सीवरेज का पानी भी जाने लगा। वर्तमान में बावड़ी में सीवरेज का गंदा पानी भरा है। दो दिन पहले तेज बरसात आई तो यह बावड़ी दबाव झेल नहीं पाई और दीवार ढह गई।