Elections 2018 : गिलहरी के बाल की कलम, दो दिन में बनता था एक होर्डिंग
जोधपुर. चुनावों के दौरान बहुत कुछ बदल चुका है। सन 2004 तक पेन्टर्स प्रत्याशियों के होर्डिंग-बैनर हाथ से बनाते थे। पहले महीनों में तैयार होती थी प्रचार सामग्री, अब बटन दबाते ही निकल आता है फ्लैक्स।