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किसानों को रबी की फसल के पलेवे के लिए नहीं मिल पाएगा पानी ….देखिए तस्वीरों में

चम्बल नदी पर बने कोटा बैराज बांध से निकलने वाली दाईं व बाईं मुख्य नहर की वितरिकाओं, माइनरों के हालात देखकर नहीं लगता सिंचाई जल उपलब्ध हो पाएगा।

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चम्बल नहर

दायीं मुख्य नहर की अर्जुनपुरा माइनर में उगे झाड झंकार।

चम्बल नहर

दायीं मुख्य नहर की कचरे व झाडियों से अटा रंग तालाब माइनर ।

चम्बल नहर

दायीं मुख्य नहर की जर्जर किशनपुरा डिस्टीब्यूट्री।

चम्बल नहर

दायीं मुख्य नहर की किशनपुरा डिस्टीब्यूट्री की पाल पर हो रहा अतिक्रमण।

चम्बल नहर

झाड झंकार व अतिक्रमण से अटी दायीं मुख्य नहर की किशनपुरा डिस्ट्रीब्यूट्री।

चम्बल नहर

झाड झंकार से अटी बांयीं मुख्य नहर की केशवराय पाटन ब्रांच की ईश्वरनगर माइनर।

चम्बल नहर

बांयीं मुख्य नहर के केशवराय पाटन ब्रांच की चितावा डिस्ट्रीब्यूट्री में चल रहे घटिया निर्माण ।

चम्बल नहर

बांयी मुख्य नहर के केशवराय पाटन ब्रांच की चितावा डिस्ट्रीब्यूट्री में चल रहे घटिया निर्माण की एईएन बिरजुराम मीणा के सामने जांच करते चम्बल परियोजना समिति के सभापति सुनील गालव, उपसभापति अशोक नन्दवाना, किशनपुरा डिस्ट्रीब्यूट्री के अध्यक्ष अब्दुल हमीद गौड।