
Kota News: पुल पर खड़ी तस्करों की कार (फोटो-पत्रिका)
कोटा। पुलिस के ऑपरेशन रूट क्लीयरेंस के दौरान मंगलवार सुबह बड़ा घटनाक्रम सामने आया। बूढ़ादीत थाना क्षेत्र में नाकाबंदी तोड़कर भाग रहे तस्करी के दो आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए एक्सप्रेस-वे स्थित चंबल नदी पुल से करीब 100 फीट नीचे छलांग लगा दी। नदी में पर्याप्त पानी नहीं होने से दोनों नीचे पथरीली और मिट्टी वाली सतह पर जा गिरे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने घटनास्थल से करीब 117 किलो डोडा चूरा बरामद किया है। एक मृतक की पहचान पंजाब के संगरूर निवासी राज सिंह के रूप में हुई है, जबकि दूसरे की पहचान बारां जिले के हरनावदाशाहजी थाना क्षेत्र के झीनझिनी निवासी चैनसिंह पुत्र केदारलाल लोधा के रूप में हुई है।
कोटा ग्रामीण के एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए ऑपरेशन रूट क्लीयरेंस चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बूढ़ादीत थाना पुलिस ने मंडावरा क्षेत्र में नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की थी। सुबह एक संदिग्ध कार कोटा से सवाई माधोपुर की ओर जाती दिखाई दी। पुलिस ने चालक को रुकने का संकेत दिया, लेकिन उसने वाहन नहीं रोका और नाकाबंदी तोड़कर तेज गति से फरार हो गया।
बूढ़ादीत थाना प्रभारी दीप्ति रानी मीणा ने बताया कि पुलिस टीम ने कार का पीछा किया। नाकाबंदी स्थल से करीब 15 किलोमीटर दूर एक्सप्रेस-वे पर चंबल नदी पुल के ऊपर संदिग्ध कार लावारिस हालत में खड़ी मिली। पुलिस के पहुंचने से पहले कार में सवार दोनों आरोपी बचने के लिए पुल से नीचे कूद गए। पुल की ऊंचाई करीब 100 फीट होने और नीचे पानी के बजाय पथरीली जमीन व मिट्टी होने के कारण दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा, पुलिस उपाधीक्षक इटावा ओमप्रकाश, एफएसएल और एमओबी टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने दोनों शवों को सुल्तानपुर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। पुलिस जांच के दौरान नाकाबंदी स्थल से कुछ किलोमीटर दूर 117 किलो डोडा चूरा भी बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि पीछा किए जाने के दौरान आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से डोडा चूरा सड़क किनारे फेंक दिया था। बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर लिया गया है और उसके स्रोत व गंतव्य की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर मिली कार उत्तर प्रदेश नंबर की है। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि वाहन की नंबर प्लेट वास्तविक है या फर्जी। पुलिस कार के पंजीकरण, आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके तस्करी नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है। मृतकों के अन्य साथियों और पूरे गिरोह की पहचान के लिए भी जांच तेज कर दी गई है। ग्रामीण पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन रूट क्लीयरेंस के तहत जिले में लगातार नाकाबंदी कर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इस मामले में भी सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
Updated on:
04 Aug 2026 08:18 pm
Published on:
04 Aug 2026 08:18 pm
