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तस्वीरों में देखिए, नागौर में फाल्गुन का रंगीन आगाज़: फाग गीतों पर झूमी महिलाएं

‘आओ बहन चुगली करें’ बैनर तले फागोत्सव का आयोजन, 500 से अधिक महिलाओं की रही सहभागिता

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द्वितीय पुरस्कार 2100 रुपए: अंजलि सारडा टीम – खाटू नरेश झांकी

फाल्गुन मास की शुरुआत शहर में उल्लास, भक्ति और सांस्कृतिक रंगों के साथ हुई। माहेश्वरी पंचायत न्यात की पोल में नीलू खडलोया के निर्देशन में ‘आओ बहन चुगली करें’ टीम की ओर से आयोजित भव्य फागोत्सव ने होली से पहले ही वातावरण को फाल्गुनी रंगों में रंग दिया। कार्यक्रम में 500 से अधिक मातृशक्ति और दर्शकों की उपस्थिति रही। झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र : बच्चों व युवतियों द्वारा सजाई गई झांकियों ने सभी का मन मोह लिया। श्रीनाथजी, खाटू श्याम बाबा, भोलेनाथ, काली मां, कृष्ण-राधा और अर्धनारीश्वर की झांकियों को खूब सराहना मिली।

झांकी प्रतियोगिता परिणाम: प्रथम पुरस्कार 3100 रुपए: ऐश्वर्या बोरा – श्रीनाथजी झांकी

झांकी प्रतियोगिता परिणाम: प्रथम पुरस्कार 3100 रुपए: ऐश्वर्या बोरा – श्रीनाथजी झांकी, द्वितीय पुरस्कार 2100 रुपए: अंजलि सारडा टीम – खाटू नरेश झांकी एवं तृतीय पुरस्कार 1100 रुपए: प्रेक्षा अटल – अर्धनारीश्वर झांकी।

डांडिया व चंग नृत्य ने बांधा समां  : चैनार से महावीर गहलोत के निर्देशन में चंग की थाप पर डांडिया नृत्य ने समां बांध दिया।

डांडिया व चंग नृत्य ने बांधा समां : चैनार से महावीर गहलोत के निर्देशन में चंग की थाप पर डांडिया नृत्य ने समां बांध दिया। कानाराम टाक, देवकिशन सोलंकी, मेघराज कच्छावा, देव टाक, मुकेश टाक, रवि टाक, आरती गहलोत, कुमकुम सांखला, सपना पंवार, भगवती सांखला, सोनू गहलोत, राहुल गहलोत और ममता सांखला सहित कई कलाकारों ने प्रस्तुति दी। दोपहर 1:30 बजे शुरू हुआ यह आयोजन शाम 6:30 बजे तक उत्साहपूर्वक चलता रहा। महिलाओं ने श्रीकृष्ण के बालस्वरूप के साथ पुष्पों की होली खेली और पारंपरिक फाल्गुनी गीतों— जुल्म कर डारियों, मोपे रंग डार गयो नंदलाल, रंग मत डारे रे सांवरिया, मेरो गम गयो बाजूबंद रसिया और आज बिरज में होरी रे रसिया—पर झूमकर प्रस्तुति दी। शोभा सारडा, संगीता बजाज, कलावती पूजा झंवर, लीला मुंदड़ा, बबीता बेनीवाल सहित अनेक महिलाओं ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।

महिलाओं ने श्रीकृष्ण के बालस्वरूप के साथ पुष्पों की होली खेली और पारंपरिक फाल्गुनी गीतों— जुल्म कर डारियों, मोपे रंग डार गयो नंदलाल, रंग मत डारे रे सांवरिया, मेरो गम गयो बाजूबंद रसिया और आज बिरज में होरी रे रसिया—पर झूमकर प्रस्तुति दी।

महिलाओं ने श्रीकृष्ण के बालस्वरूप के साथ पुष्पों की होली खेली और पारंपरिक फाल्गुनी गीतों— जुल्म कर डारियों, मोपे रंग डार गयो नंदलाल, रंग मत डारे रे सांवरिया, मेरो गम गयो बाजूबंद रसिया और आज बिरज में होरी रे रसिया—पर झूमकर प्रस्तुति दी।

‘आओ बहन चुगली करें’ टीम—अनुराधा बंग, मंजू तापड़िया, मंजू शर्मा, सुमित्रा व्यास, सुमन मनिहार, निशा सोनी व रिद्धि चांडक—के समर्पित प्रयासों से यह फागोत्सव यादगार बन गया।

‘आओ बहन चुगली करें’ टीम—अनुराधा बंग, मंजू तापड़िया, मंजू शर्मा, सुमित्रा व्यास, सुमन मनिहार, निशा सोनी व रिद्धि चांडक—के समर्पित प्रयासों से यह फागोत्सव यादगार बन गया।

निर्णायक मंडल में जोधपुर से डॉ. किरण सारड़ा, पाली से नम्रता माहेश्वरी, बालोतरा से स्वाति मांधना और बीकानेर से पूनम लड्ढ़ा शामिल रहीं। लकी ड्रॉ में राखी गौड़ (प्रथम), कशिश गोस्वामी (द्वितीय) और आरती मनिहार (तृतीय) विजेता रहीं।

निर्णायक मंडल में जोधपुर से डॉ. किरण सारड़ा, पाली से नम्रता माहेश्वरी, बालोतरा से स्वाति मांधना और बीकानेर से पूनम लड्ढ़ा शामिल रहीं। लकी ड्रॉ में राखी गौड़ (प्रथम), कशिश गोस्वामी (द्वितीय) और आरती मनिहार (तृतीय) विजेता रहीं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रायोजकों एवं डी सेवन डोर फाउंडेशन के पदाधिकारियों का विशेष योगदान रहा।