
रायपुर के गोकुल नगर गौठान में महिलाओं द्वारा रात के बचे खाना से अंगाकर रोटी बनाकर उसे देशी पिज़्ज़ा बना रही।

छत्तीसगढ़ के लोगों का यह पसंदीदा व्यंजन है। नवाचार के साथ इस रोटी की डिमांड और अधिक बढ़ जाएगी।

कर्नाटक की अक्की रोटी का करीबी रिश्तेदार माना जाता है, यह अंगाकर रोटी आमतौर पर चावल के आटे से बनाई जाती है।

इसे बनाने में आसान और सरल है, इसके लिए आपको बस चावल का आटा, जीरा, अजवाइन, हरी मिर्च और कभी-कभी पके हुए चावल की जरूरत होती है।

छत्तीसगढ़ में नाश्ते के लिए एक खास रोटी बनाई जाती है जिसे अंगाकर रोटी कहते हैं। सुनने में मजेदार लगता है

अंगाकर रोटी की तरह ही यह दक्षिण भारतीय रोटी चावल के आटे, नमक के पानी, कुछ मसालों और जड़ी-बूटियों के मिश्रण से बनाई जाती है।

इसे अंगाकर रोटी कहा जाता है। टमाटर प्याज की चटनी के साथ इसे खाया जाता है।

अब गौठानों में भी नवाचार का प्रयोग हो रहा है। खास बात यह है कि यह पूर्व रूप से देशी चूल्हे में ही बनाया जाता है।

छत्तीसगढ़ की भूमि पर बड़े पैमाने पर उगाया जाने वाला चावल इस क्षेत्र में आम तौर पर उत्पादित और खाया जाने वाला अनाज है।