
रायपुर। राजधानी में इन वार्षिक उत्सव के आयोजन लगातार स्कूल और कॉलेजों में चल रहे हैं। उत्सव में बड़े बच्चे तो अपना परफार्मेंस देते है, पर छोटे बच्चे भी कोई कम नही हैं। शनिवार को हुए आयोजन मेंनन्हे-नन्हे बच्चे माइक थामे मंच पर खड़े हुए, तो यह स्पष्ट दिखाई दिया कि बच्चों को केवल परफॉर्मर नहीं, बल्कि आत्मविश्वासी और साहसी व्यक्तित्व के रूप में तैयार कर रही है। बच्चों को देखकर माता-पिता की आंखों में गर्व और खुशी साफ झलक रही थी और बच्चे भी पूरे उत्साह और आनंद के साथ अपनी प्रस्तुति दे रहे थे।

कार्यक्रम के सबसे भावुक और यादगार क्षण वह रहे जब मां और बच्चे तथा पिता और बच्चे एक साथ मंच पर थिरकते नजर आए। मदर एंड किड डांस के दौरान कई मांएं अपने बच्चों के साथ नृत्य करते हुए भावुक हो गईं, वहीं फादर एंड किड डांस में पिताओं की खुशी और गर्व का ठिकाना नहीं था। यह दृश्य उस भावनात्मक जुड़ाव को दर्शा रहा था, जहां बच्चा स्वयं को सुरक्षित, स्वीकार्य और समर्थ महसूस करता है।

देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने पूरे हॉल को ऊर्जा से भर दिया।

नेशनल एंथम के साथ-साथ बच्चों द्वारा वीर योद्धाओं की शक्ति, साहस और बलिदान पर आधारित पेट्रियोटिक परफॉर्मेंस प्रस्तुत की गई, जिसे देखकर उपस्थित सभी लोगों के रोंगटे खड़े हो गए और हॉल तालियों से गूंज उठा। यह प्रदर्शन ऐसा था जिसने दिलों में गर्व, सम्मान और भावनाओं की गहरी लहर पैदा कर दी।

वंडर किड्स एकेडमी का भव्य वार्षिक उत्सव “आशाएं” 31 जनवरी को विमंतारा हॉल, शांति नगर में अत्यंत गरिमामय और भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत से लेकर अंत तक हॉल में मौजूद माता-पिता, शिक्षक और अतिथि बच्चों की प्रस्तुतियों को देखकर गदगद और भावविभोर नजर आए। मंच पर बच्चों की मुस्कान, आत्मविश्वास और खुलेपन ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया।