
CG Train News: छत्तीसगढ़ के रायपुर में दोपहर के 12.40 बज रहे थे, हर दिन की तरह ही स्टेशन में चारों तरफ यात्रियों की भीड़ नजर आ रही थी। कोई ट्रेन से उतर रहा था, तो कोई यात्री चढ़ रहा था।

कई अपने परिवार के साथ अपने-अपने ट्रेन आने के इंतजार में बैठे हुए थे। पूछताछ केंद्र में यात्रियों की भीड़ लगी हुई थी, पूछने पर पता चला कि ज्यादातर लोग दिल्ली जाने के लिए ट्रेन पूछ रहे हैं।

लेकिन सामने से बस एक ही आवाज आ रही थीं, कि दिल्ली जाने के लिए 12.50 को प्लेटफॉर्म-5 में संपर्क क्रांति आने वाले है। और दूसरी कोई भी ट्रेन नहीं है। यात्री निराश होकर वापस लौटने लगे तो कई उसी ट्रेन में जाने के टिकट लेने चले गए।

इसके बाद प्लेटफॉर्म-1 से प्लेटफॉर्म 5 में जाने के लिए फूटओवर ब्रिज पुहंचे तो, यहां यात्रियों की काफी भीड़ थीं। ज्यादातर यात्री साथ में प्लेटफॉर्म-5 पर ही उतरे। क्योंकि उन्हें दिल्ली जाना था। 12.50 की ट्रेन 12823 संपर्क क्रांति दस मिनट की देरी से 1.01 बजे प्लेटफॉर्म पर पहुंची।

भीड़ इतनी थी कि स्लीपर कोच में भी यात्री ठूंस-ठूंस कर जा रहे थे। इसकी हालत जनरल डिब्बे के जैसी थीं, एकाएक यात्री ट्रेन में चढ़ रहे थे। ट्रेन के निकलते तक यात्री चढ़ते रहे, गेट पर खड़े होकर ही सफर में निकल गए।

इससे रेलवे पर अब कई सवाल खड़े हो गए है? जब दिल्ली जाने के लिए बस एक ही ट्रेन थीं, तो रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता क्यों नहीं किए? क्या किसी बड़े हादसे के होने का इंतजार कर रहे थे? ठूंस-ठूंस कर यात्री स्लीपर में सफर कर रहे थे, तो क्यों इनके टिकट की जांच नहीं की गई?