
रेलवे के दायरे वाले हिस्से में ब्रिज निर्माण कराने के लिए ड्राइंग-डिजाइन की मंजूरी रेलवे की इंजीनियरिंग से लेना पड़ता है। लेकिन दो-तीन माह बीत जाने के बाद भी मंजूरी नहीं मिली है। इसके बाद ही निर्माण में तेजी आएगी।

यह रेलवे फाटक रायपुर-वाल्टेयर रेलवे लाइन पर है। रेल लाइन का दोहरीकरण हो चुका है। ऐसे में खतरा ज्यादा बढ़ गया है। ट्रेनों की आवाजाही से फाटक बंद होने से लोग दोनों तरफ लंबे जाम में फंस रहे हैं।

पिछले पांच-छह सालों के दौरान दर्जनभर से अधिक कॉलोनियों का डेवलपमेंट भी तेजी से हुआ है। इसे देखते हुए करोड़ों रुपए की लागत ओवरब्रिज का निर्माण तो शुरू कराया गया

शहर के खम्हारडीह-कचना रोड रेलवे फाटक पर हर दिन परेशान हो रहे हैं। इस फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण पिछले छह-सात महीने से चल रहा है, लेकिन तेजी नहीं है।

पीडब्ल्यूडी की ड्राइंग-डिजाइन पर अंतिम मुहर रेलवे के इंजीनियरिंग की लगनी है, वह पेंच फंसा हुआ है। ऐसे 100 मीटर के दायरे में अभी निर्माण ही शुरू नहीं हो पाया है।

पीडब्ल्यूडी ब्रिज डिवीजन के अनुसार जब तक रेलवे से ड्राइंग-डिजाइन एप्रूव्ड नहीं हो जाती है, तब तक निर्माण तेजी संभव नहीं।