
सतना. भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद की पत्नी की आंखे तब भर आई जब अरपीएम निरीक्षक मान सिंह ने उनकी यात्रा के दौरान बुके देकर उन्हे सम्मानित किया। साल 1965 में भारत-पाक जंग के दौरान दुश्मन देश के छक्के छुडाने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी पुणे से गाजीपुर लौटते वक्त थोडे समय के लिए सतना में रुकी। वे पूणे में आयोजित एक पुरस्कार समारोह में हिस्सा लेकर वापस अपने गृहनगर गाजीपुर यूपी जा रही थी।

सतना. भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद की पत्नी की आंखे तब भर आई जब अरपीएम निरीक्षक मान सिंह ने उनकी यात्रा के दौरान बुके देकर उन्हे सम्मानित किया। साल 1965 में भारत-पाक जंग के दौरान दुश्मन देश के छक्के छुडाने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी पुणे से गाजीपुर लौटते वक्त थोडे समय के लिए सतना में रुकी। वे पूणे में आयोजित एक पुरस्कार समारोह में हिस्सा लेकर वापस अपने गृहनगर गाजीपुर यूपी जा रही थी।

सतना. भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद की पत्नी की आंखे तब भर आई जब अरपीएम निरीक्षक मान सिंह ने उनकी यात्रा के दौरान बुके देकर उन्हे सम्मानित किया। साल 1965 में भारत-पाक जंग के दौरान दुश्मन देश के छक्के छुडाने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी पुणे से गाजीपुर लौटते वक्त थोडे समय के लिए सतना में रुकी। वे पूणे में आयोजित एक पुरस्कार समारोह में हिस्सा लेकर वापस अपने गृहनगर गाजीपुर यूपी जा रही थी।

सतना. भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद की पत्नी की आंखे तब भर आई जब अरपीएम निरीक्षक मान सिंह ने उनकी यात्रा के दौरान बुके देकर उन्हे सम्मानित किया। साल 1965 में भारत-पाक जंग के दौरान दुश्मन देश के छक्के छुडाने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी पुणे से गाजीपुर लौटते वक्त थोडे समय के लिए सतना में रुकी। वे पूणे में आयोजित एक पुरस्कार समारोह में हिस्सा लेकर वापस अपने गृहनगर गाजीपुर यूपी जा रही थी।

सतना. भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद की पत्नी की आंखे तब भर आई जब अरपीएम निरीक्षक मान सिंह ने उनकी यात्रा के दौरान बुके देकर उन्हे सम्मानित किया। साल 1965 में भारत-पाक जंग के दौरान दुश्मन देश के छक्के छुडाने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी पुणे से गाजीपुर लौटते वक्त थोडे समय के लिए सतना में रुकी। वे पूणे में आयोजित एक पुरस्कार समारोह में हिस्सा लेकर वापस अपने गृहनगर गाजीपुर यूपी जा रही थी।