इस बार बहुत ही शुभ संयोगों में खोले जाएंगे बद्रीनाथ के कपाट, जानें क्या है खास

इस बार बहुत ही शुभ संयोगों में खोले जाएंगे बद्रीनाथ के कपाट

बद्रीनाथ हिंदू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण तिर्थ माना जाता है और यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिये आते हैं। लेकिन शीतकाल में बद्रीनाथ धाम के कपाट 6 महीनों के लिये बंद कर दिये जाते हैं। फिर से अप्रैल के महीने में भक्तों के दर्शन के लिये बद्रीनाथ धाम के कपाट फिर से खोले जाते हैं। वहीं माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का 29 जनवरी को आरंभ हुआ है।

 

 

 

badrinath1.jpg

 

इस दिन परंपरा अनुसार हर साल टिहरी के राजदरबार में उपस्थित ज्योतिषियों की उपस्थिति में बद्रीनाथ के कपाट खुलने की तिथि और समय का निर्धारण किया गया है। जो कि इस साल भी किया गया है। इस साल बद्रीनाथ के कपाट कई शुभ संयोगों की उपस्थिति में खोले जाएंगे जो बहुत ही शुभ व फलदायी होगा।

गुरु पुष्य योग में खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

बद्रीनाथ धाम के कपाट इस बार 30 अप्रैल को सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर खुलना तय हुआ है। टिहरी दरबार द्वारा तय किये गये इस दिन गुरुवार पड़ रहा है और इसके साथ ही इस दिन शनि का नक्षत्र पुष्य योग भी बन रहा है। ज्योतिषशास्त्र में इस तरह के योग को गुरु पुष्य नक्षत्र का शुभ योग माना जाता है जो कि अक्षय तृतीया के समान माना जाता है। इस योग में किये गये हर कार्य में सफलता मिलती है।

 

गंगा जयंती 30 अप्रैल

वैशाख शुक्ल की सप्तमी तिथि के दिन गंगा जयंती पड़ती है और इस साल गंगा जयंती 30 अप्रैल को पड़ रही है। शास्त्रों के अनुसार इस तिथि के दिन ही गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था, इसलिये इस दिन को गंगा जयंती कहा जाता है। गंगा जयंती के दिन गंगा, मंदाकिनी, अलकनंदा नदी और उनके तटों पर स्नान करने का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। ऐसे शुभ दिन बद्रीनाथ के कपाट खुलने से बहुत अधिक पुण्य प्राप्त होता है, इसलिये इस दिन दर्शन करने वाले भक्तों को बहुत अधिक पुण्य की प्राप्ति होगी।

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned