
चिन्मयानंद ब्लैकमेलिंग केस में आरोपी भाजपा नेता डीपीएस राठौर के खिलाफ एक और FIR दर्ज
पीलीभीत। अवैध खनन के मामले में लगातार शिकायत करने वाले भाजपा विधायक रामशरण की शिकायत का बड़ा असर देखने को मिला है। विधायक के हस्तक्षेप के बाद खनन विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने अपनी जान छुड़ाने के लिए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। देर रात खनन निरीक्षक की ओर से दी गई तहरीर के बाद बीसलपुर कोतवाली में भाजपा नेता समेत तीन लोगों को नामजद किया गया है।
बीसलपुर से भाजपा विधायक रामशरण वर्मा ने बीते दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ से शिकायत कर बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दुकसी में अवैध खनन की शिकायत की थी। साथ ही डीएम को भी पूरे मामले में संलिप्त बताया था, जिसके बाद पीलीभीत के डीएम वैभव श्रीवास्तव ने कार्रवाई करते हुए खनन करने वाले किसान पर 17 लाख जुर्माना डालकर कार्रवाई की बात कही थी जिसके बाद विधायक रामशरण वर्मा असंतुष्ट थे। उनका कहना था कि माफिया पर एफआईआर दर्ज हो, साथ ही जुर्माने की राशि बढ़ाई जाए। विधायक की शिकायत के बाद जिम्मेदार अफसरों ने खुद को बचाने के लिए किसान महेंद्र पाल, शाहजहांपुर के भाजपा नेता डीपीएस राठौर के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि डीपीएस राठौर ने अपनी प्राइवेट फॉर्म के माध्यम से खनन का पट्टा लिया और इस पट्टे में दिखाई गई भूमि के अलावा नजदीक की भूमि पर अवैध खनन किया।
कोतवाली में दर्ज हुआ मुकदमा
उपरोक्त मामले के अलावा पीलीभीत के सदर कोतवाली में एक मुकदमा दर्ज हुआ है, जिसमें खनन ठेकेदार अनिल अग्रवाल को नामजद किया गया है। इन पर भी जरूरत से ज्यादा गलत स्थान पर खनन करने का आरोप लगा है।
Published on:
08 Feb 2020 11:48 am
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