
Mangal Bazar
पीलीभीत। शहर में बीते दिनों लेडी सिंघम बनी सिटी मजिस्ट्रेट ने खानापूर्ति करते हुए जामा मस्जिद कमेटी के मैदान में लगने वाले साप्ताहिक बाज़ार में छापामार कार्रवाई कर बाज़ार से होने वाले जाम और अतिक्रमण के खिलाफ अपना सख़्त रवैया दिखाया था। लेकिन एक दिवसीय कार्रवाई के बाद ना जाने क्या हुआ कि लेडी सिंघम की कार्रवाई अब ठंडे बस्ते में पड़ गई है। इसे राजनैतिक दृष्टिकोण से भी देखा जा रहा है क्योंकि कमेटी के अध्यक्ष यहां के पूर्व विधायक व सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हाजी रियाज़ अहमद हैं। वहीं स्थानीय निवासियों को इसके चलते काफी दिक्क़तों का सामना करना पड़ रहा है।
यह था मामला
शहर की शाही जामा मस्जिद के मैदान में प्रत्येक मंगलवार को लगने वाले बाज़ार से हो रहे अतिक्रमण को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना द्विवेदी को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसको लेकर उन्होंने मौके पर पहुँचकर जांच की और सड़क पर अतिक्रमण कर दुकानें लगाए बैठे व्यापारियों को हिदायत दी कि वो अपनी दुकानें प्रस्तावित जामा मस्जिद की बाउंड्री के अंदर ही लगाएं। इस मामले उन्होंने शाही जामा मस्जिद कमेटी को भी निर्देश दिए थे। लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश बेअसर दिखे, उनके फरमान को नज़रंदाज़ करते हुए फिर सड़कों पर दुकाने सजना शुरू हो गई।
नगर पालिका ने नहीं की कोई कार्रवाई
नगरपालिका प्रशासन ने भी करीब 10 वर्षों से इस बाज़ार को लगवाने वालों के खिलाफ कुछ भी कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि बाज़ार तत्कालीन पालिका अध्यक्ष प्रभात जायसवाल, समाजवादी पार्टी के विधायक व कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज़ अहमद की सांठ-गांव से चल रहा था। वहीं अब इस बार महिला सीट होने पर उनकी पत्नी विमला जायसवाल यहां की पालिका अध्यक्ष हैं जिनके राज के चलते यहां आपसी सांठ-गांठ का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने दिए थे निर्देश
पीलीभीत में आयी नवागत लेडी सिंघम सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना द्विवेदी ने अपने तेज़तर्रार स्वभाव के चलते सड़क पर सज रहे साप्ताहिक मंगल बाजार को बंद कराने का निर्देश दिए तथा उचित पार्किंग व्यवस्था करने के लिए भी निर्देशित किया मंगल बाजार में आने वाले व्यापारियों को सख्त निर्देश जारी किए। यहां तक की जब वहां मौजूद जब जामा मस्जिद के पदाधिकारियों ने बताया कि पार्किंग सुविधा पूर्व कैबिनेट मंत्री के प्रतिष्ठान हाफिज़ रहमत खॉ कालेज में हैं तो वो वहां भी जांच को पहुँची थी।
मरीज़ो की अक्सर हो जाती हैं मौत
यहां एक निजी नर्सिंग होम भी हैं जहां रोज़ाना दर्जनों मरीज़ आते हैं यहां के संचालक डा0 भरत कंचन ने बताया कि हाल ही में एक मरीज़ की एम्बूलेंस जाम में फंसने की वजह से मौत हो गई थी। ऐसा अक्सर हो जाता हैं कि जब कोई गंभीर मंगलवार के दिन आये तो वो इस बाज़ार से लगने वाले जाम में फंस जाता हैं जिससे दुर्घटना हो जाती हैं। एक प्रसूता की तो डिलीवरी ही एम्बूलेंस में फंसने से कराई गयी।
Updated on:
31 Oct 2018 11:29 am
Published on:
31 Oct 2018 10:39 am
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