
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने सख्त लहजे में कहा था कि सरकारी कामकाज का पुराना और लचर रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद अधिकारी अपनी कार्यशैली सुधारने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिसको देखते हुए पीलीभीत की जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने कार्रवाई करते हुए जिले के तमाम अधिकारियों का वेतन रोक दिया है।
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जिलाधिकारियों ने जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश है कि पोर्टल पर शिकायतों की पूरी तरह से निस्तारण होना चाहिए, लेकिन फिर भी अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसी को देखते हुए जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक की। जिसमें जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से नाराजगी जाहिर करते हुए गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। वहीं समय सीमा में आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण नहीं करने पर उन्होंने कई अधिकारियों का वेतन रोक दिया है।
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19 अधिकारियों का वेतन रोका
खंड विकास अधिकारी-पूरनपुर, उपखंड अधिकारी विद्युत विभाग-पूरनपुर, वक्फ निरीक्षक, खनन निरीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, अधिशासी अभियंता विधुत विभाग पीलीभीत, लीड बैंक मैनेजर, अधिशाषी अधिकारी-पीलीभीत, अधिशाषी अधिकारी-पूरनपुर, अधिशाषी अधिकारी-बिलसंडा, अधिशाषी अधिकारी-बीसलपुर, अधिशाषी अभियंता(प्रा.ख.)लोनिवि, अधिशाषी अभियंता-ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, उप निदेशक निर्माण-कृषि मंडी समिति, जिला मनोरंजन कर अधिकारी, उपखंड अधिकारी विद्युत विभाग-अमरिया, अधिशाषी अभियंता विधुत विभाग-पूरनपुर, जिला कृषि अधिकारी सहित 19 अधिकारियों का तत्काल वेतन रोकने का आदेश किया है।
सरकारी विभागों में मचा हड़कंप
डीएम शीतल वर्मा ने सभी अधिकारियों को यह चेतावनी भी दी है कि आगे से जनत की समस्याओं का समय से निस्तारण नहीं किया गया तो इससे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं डीएम की इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मचा हुआ है।

Updated on:
03 Feb 2018 11:33 am
Published on:
03 Feb 2018 11:27 am
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