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पीलीभीत। तहसील बीसलपुर में एक पीड़ित किसान ने जहर खा लिया। जहर खाने के बाद आनन-फानन में किसान को तहसीलदार व एसडीएम प्राथमिक उपचार के बाद पीलीभीत जिला अस्पताल लाए। देर रात तक इलाज के बाद किसान को बरेली रेफर कर दिया गया है। जिला प्रशासन सबकुछ ठीक होना बता रहा है। परिजनों की प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार कहासुनी भी हुई। मीडिया को भी कवरेज करने से रोका गया। फिलहाल आला अधिकारी पूरे मामले में जॉच की बात कह रहे हैं।
10 लाख का नोटिस थमाया
तहसील बीसलपुर में इन दिनों किसानों का शोषण बढ़ गया है। शोषण करने वाले भी और कोई नहीं, बल्कि योगी सरकार के प्रशासनिक अधिकारी हैं। तहसील बीसलपुर में नवागत एसडीएम वंदना त्रिवेदी ने बकायदारों के खिलाफ एक अभियान चला दिया है। बकायेदार पकड़कर या तो बंदीगृह में भेज दिया जाता है या फिर उसकी कोई भी सम्पत्ति कुर्क कर ली जाती है। ऐसे में बीते शनिवार को एसडीएम वंदना त्रिवेदी के निर्देश पर अमीनों की एक टीम तहसील क्षेत्र के गांव सोंधा गौटिया रिकवरी के लिए गई थी। अमीनो की टीम ने जब किसान कुलवंत सिंह को 10 लाख कुपये की रिकवरी नोटिस और कुर्की के आदेश दिखाये तो किसान के पैरों तले जमीन खिसक गई।
ट्रैक्टर उठा ले गए
किसान का कहना था कि उसके साथ कोई फ्रॉड हुआ है। उसने बताया कि एक दलाल के माध्यम से उसने अपनी 1 एकड़ जमीन पर इण्डियन बैंक से 1 लाख रुपये का लोन लिया था। यह 10 लाख रुपये कैसे हुआ, उसे नहीं बताया जा रहा है। किसान अनपढ़ है, जिसका फायदा बैंक के दलाल ने उठाया और इस बैंक का मैनेजर जालसाजी में जेल की हवा खा रहा है। अमीनों ने पीड़ित किसान की एक न सुनी। घर में किसी रिश्तेदार का खड़ा ट्रैक्टर जबरन उठाकर ले गए। आरोप है कि जब घर की महिलाओं ने विरोध किया तो उनके साथ तहसील की टीम ने धक्का-मुक्की भी की।
तहसील में कीटनाशक पी लिया
इसके बाद किसान कुलवंत अपनी मोटर साईकिल से तहसील गया। उसने ट्रैक्टर वापसी की मांग की। जब उसकी मांग पूरी नहीं हुई तो उसने एसडीएम कार्यालय के बाहर जहरीला कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ती देख तहसील के कुछ कर्मचारियों ने जब देखा तो उन्होंने बीसलपुर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद तहसील प्रशासन के हाथपांव फूल गये। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बाद देर रात उसे बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसडीएम ने मीडिया के कैमरे बंद करवाए
इस बीच अस्पताल पहुंची एसडीएम बीसलपुर वंदना त्रिवेदी व तहसीलदार से परिजनों की कहासुनी होने लगी। एसडीएम ने मीडिया के कैमरे बंद करवा दिए। इस पर कहासुनी भी हुई। सूचना पर जिलाधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र व पुलिस अधीक्षक बालेन्दु भूषण सिंह भी पहुंचे। परिजनो को समझा-बुझाकर शांत करवाया। जिलाधिकारी का दावा है कि किसान कुलवंत सिंह अब बिलकुल ठीक है और खतरे से बाहर है। परिजनों का कहना है कि आज सुबह बरेली के निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने जवाब दे दिया है। जिंदगी और मौत के बीच की जंग लड़ रहे हैं।
Published on:
26 Aug 2018 07:58 pm
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