
varun gandhi
बरेली, बदायूं और पीलीभीत से भाजपा के दावेदरों का इंतजार और बढ़ गया है। उम्मीद थी कि भाजपा की दूसरी सूची में इन सीटों पर प्रत्याशी तय हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बुधवार यानी 13 मार्च को को भाजपा की दूसरी सूची जारी हुई। इसके बाद से तीनों लोकसभा क्षेत्रों में बदलाव के कयास और तेज हो गए हैं। मौजूदा सांसदों के समर्थक इन कयासों को लगातार खारिज कर रहे हैं।
बरेली सीट से सांसद संतोष गंगवार की लगातार 10वीं बार उम्मीदवारी में उम्र आड़े आ रही है। सूत्रों के अनुसार हेमा मालिनी सहित कुछ अन्य नेताओं को टिकट मिलने का हवाला देकर वह अपने पक्ष में मजबूत पैरवी में जुटे हैं। बदायूं सांसद संघमित्रा मौर्य के सामने उनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा के खिलाफ लगातार विवादित बयानों ने संकट खड़ा कर रखा था। स्वामी प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी का गठन कर समाजवादी पार्टी से राहें जुदा कर ली हैं।
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संघमित्रा मौर्य लगातार तीसरी बर टिकट हासिल करने की कोशिश में हैं। पीलीभीत सांसद वरुण गांधी ने सरकार विरोधी बयान से अपनी दावेदारी खतरे में डाल दी है। टिकट के लिए बढ़ते इंतजार के बीच वरुण के बोल बदले हैं। पिछले दिनों पीलीभीत को मिली सौगातों पर उन्होंने वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया था।
दूसरी सूची में भी तीनों सीटों से उम्मीदवारों की घोषणा न होने को मौजूदा सांसदों के सामने दावेदारी कर रहे दूसरे नेता अपने लिए सकारात्मक मान रहे हैं। उनका मानना है कि पुराने नामों पर ही मुहर लगानी होती तो पार्टी आलाकमान पहली ही सूची में उम्मीदवारों की घोषणा कर देते। इस आधार पर वे दावा कर रहे हैं कि बदलाव तय है, इसीलिए इंतजार लंबा खिंच रहा है। फिलहाल, राम लहर के बीच अपने-अपने हिसाब से जातिगत समीकरणों को आधार बनाकर दावेदार दिल्ली के दरबार तक हाजिरी लगा रहे हैं।
तीनों सीटों पर सांसदों के समर्थक अपने-अपने हिसाब से तर्क दे रहे हैं। उनका मानना है कि सांसदों को टिकट बंटवारे में देरी का फायदा मिलेगा। एक सांसद के करीबी का कहना है कि यह देरी उनके नेता के लिए क्षेत्र में सहानुभूति की लहर पैदा करेगी। कुछ नेता तो बड़े पदाधिकारियों के हवाले से तीनों सीटों पर टिकटों में कोई बदलाव न होने का दावा कर रहे हैं। इधर, असमंजस भरे माहौल में मौजूदा सांसद लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के बीच सक्रिय हैं। हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में उपस्थिति भी दर्ज करा रहे हैं।
बरेली सीट से सांसद संतोष गंगवार के अलावा महापौर उमेश गौतम, शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक हरिशंकर गंगवार, चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ. विजय गंगवार दावेदारी कर रहे हैं। बदायूं से संघमित्रा मौर्य के अलावा केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा, भाजपा ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, सिनोद शाक्य और रामसेवक सिंह पटेल की दावेदारी चर्चा में है।
पीलीभीत से मौजूदा सांसद वरुण गांधी के सामने गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार, बिथरी चैनपुर से विधायक रहे राजेश मिश्रा (पप्पू भरतौल) के नामों की चर्चा है।
सूत्रों के अनुसार, पीलीभीत सीट से प्रदेश सरकार के एक मंत्री को मैदान में उतरने के लिए कहा गया। हालांकि, वह बरेली मंडल के बाहर दूसरी सीट से टिकट चाहते थे। उस सीट पर पहली ही सूची में प्रत्याशी की घोषणा हो चुकी है। पिछले सप्ताह उन्होंने दिल्ली पहुंचकर अपना टिकट कटवाने की पैरवी की है। माना जा रहा है कि पीलीभीत से वरुण गांधी का टिकट कटा तो भी वह इसी सीट से मैदान में उतरेंगे। ऐसे में मंत्री को जीत की राह आसान नहीं नजर आ रही है।
पार्टी का एक धड़ा यह भी दावा कर रहा है कि बरेली से संतोष गंगवार का टिकट कटा तो पार्टी इस वोट बैंक को साधे रहने के लिए पीलीभीत से गंगवार प्रत्याशी पर दांव खेल सकती है। ऐसे में बरेली से सवर्ण उम्मीदवार उतारे जाने की संभावना अधिक है। हालांकि, बरेली में गंगवार की जगह गंगवार को ही टिकट दिए जाने की भी पैरवी की जा रही है।
Updated on:
14 Mar 2024 04:22 pm
Published on:
14 Mar 2024 04:21 pm
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