लाभ का पद मामला: चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ आप के 20 विधायकों ने हाईकोर्ट में की अपील

लाभ के पद के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के 20 विधायकों ने चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट जाने का रुख किया है।

By: Prashant Jha

Published: 22 Jul 2018, 03:29 PM IST

नई दिल्ली: लाभ के पद के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के 20 विधायकों ने चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट जाने का रुख किया है। विधायकों ने याचिकाकर्ता से प्रतिवादियों को जिरह करने की अनुमति देने की मांग की गयी थी, जिसे चुनाव आयोग की ओर से खारिज कर दिया गया। आयोग की ओर से कहा गया है कि इसकी कोई जरूरत नहीं है।

आयोग ने दलील को खारिज की थी

आयोग ने लाभ के पद पर होने के कारण आप विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग करने वाले याचिकाकर्ता प्रशांत पटेल और अन्य से क्रॉस एग्‍जामिनेशन की अर्जी को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया था। मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत, चुनाव आयुक्तों सुनील अरोड़ा और अशोक लवासा ने अपने आदेश में कहा था कि इस मामले में याचिकाकर्ता से जिरह की कोई जरूरत नहीं है । वह इस मामले में जारी कार्यवाही का गवाह नहीं है। प्रतिवादी अपनी अर्जी में दी गई दलील के मुताबिक इस मामले में किसी गवाह को पेश किए जाने की जरूरत साबित करने में भी नाकाम रहे हैं। आयोग दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक लाभ के पद की परिभाषा तय करने के मामले में 23 जुलाई से अंतिम दौर की सुनवाई शुरू करेगा।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दी थी राहत

गौरतलब है कि मार्च में आम आदमी पार्टी के विधायकों को लाभ के पद मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायक को बड़ी राहत दी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग विधायकों की याचिका पर दोबारा सुनवाई करें।

क्या है लाभ के पद का मामला

दरअसल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मार्च 2015 से अपने 21 विधायकों को संसदीय सचिव के पद पर नियुक्त किया था। जिसमें दिल्ली में संसदीय सचिव को घर, गाड़ी और दफ़्तर जैसी सुविधाएं दी जानी थी। चुनाव आयोग ने 19 जनवरी 2018 को संसदीय सचिव के पद को "लाभ का पद" करार देते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से 20 विधायकों की सदस्यता को रद्द करने की सिफारिश की थी। चुनाव आयोग के मुताबिक ये विधायक 13 मार्च, 2015 से 8 सितंबर, 2016 के बीच 'लाभ के पद' के मामले में अयोग्य घोषित किए जाने चाहिए। जनवरी को केंद्र सरकार ने इस बारे में अधिसूचना जारी की। इसके बाद ही ये 20 विधायक इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट पहुंचे थे।

Prashant Jha
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