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सोनिया गांधी संग 10 दिन में 6 से ज्यादा बैठकें फिर भी नहीं बनी बात, इन चार वजहों से प्रशांत किशोर ने ठुकराया कांग्रेस का ऑफर

Prashant Kishor declined Congress Offer: प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के ऑफर को ठुकरा दिया है। इसके साथ ही कांग्रेस को एक सलाह भी दी है। लेकिन वो क्या कारण हो सकते हैं जिस वजह से उन्होंने ये ऑफर ठुकराया?

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Mahima Pandey

Apr 26, 2022

4 Reasons Why Prashant Kishor Rejected Congress Offer

4 Reasons Why Prashant Kishor Rejected Congress Offer

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आज कांग्रेस में शामिल होने का ऑफर ठुकरा दिया है। कई दिनों तक चली पार्टी में बैठकों के बाद प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर सब फ्लू स्पष्ट कर दिए हैं। प्रशांत किशोर से पहले कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने इस बात की जानकारी दी थी। हालांकि, ऑफर ठकुराने के साथ ही प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को बड़ी सलाह दी है और कहा है उसे सामूहिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है। प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर लिखा, "मैंने EAG के हिस्से के रूप में पार्टी में शामिल होने और चुनावों की जिम्मेदारी लेने के कांग्रेस के विनम्र ऑफर को अस्वीकार कर दिया।" उन्होंने आगे कहा, "मेरी राय में, पार्टी को परिवर्तनकारी सुधारों के माध्यम से गहरी जड़ें जमाने वाली संरचनात्मक समस्याओं को ठीक करने के लिए मुझसे अधिक नेतृत्व और सामूहिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।"

वो चार कारण जिस वजह से नहीं बनी बात
1. प्रशांत किशोर कांग्रेस में बड़े बदलावों के लिए फ्री हैंड चाहते हैं जिसको लेकर कांग्रेस सहज नहीं थी। प्रशांत किशोर की रणनीति की बजाय पार्टी ने उन्हें 2024 के चुनावों के लिए रणनीति बनाने वाली समिति में एक पद की पेशकश की थी।
2. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनकी बेटी और पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने किशोर का समर्थन किया था, लेकिन राहुल गांधी इसके पक्ष में नहीं थे।
3. एक और कारण प्रशांत किशोर पर पार्टी का पूरा भरोसा न होना भी रहा। तेलंगाना की सत्तारूढ़ पार्टी के साथ आईपीएसी की डील को लेकर भी पार्टी के कुछ नेताओं ने संशय व्यक्त किया था और उनका मानना था कि प्रशांत किशोर में वैचारिक प्रतिबद्धता की कमी है।
4. एक और बड़ा कारण कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का प्रशांत किशोर के बदलाव का विरोध करना भी रहा। प्रशांत किशोर ने जन नेताओं को छोड़कर बाकी अन्य नेताओं को रणनीति के तहत दरकिनार करने की योजना दी थी जिससे कई वरिष्ठ नेता इससे सहमत नहीं हुए थे।

बता दें कि पिछले हफ्ते प्रशांत किशोर ने वर्ष 2024 के लोक सभा चुनावों के लिए सोनिया गांधी की अध्यक्षता में एक प्रेजेंटेशन पेश किया था इसपर चर्चा कर लिए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष ने एक पैनल का भी गठन किया था। प्रशांत किशोर के प्रेजेंटेशन को लेकर कहा जा रहा था कि उन्होंने कांग्रेस की वापसी कैसे हो, पार्टी कितनी सीटों पर लड़े और किन नेताओं के चेहरे का इस्तेमाल किया जाए, किसके साथ गठबंधन करना है, क्या रणनीति हो, इसको लेकर 600 स्लाइड्स का प्रेजेंटेशन दिया था।

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