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मोदी मंत्रिमंडल में अनुराग ठाकुर और मीनाक्षी लेखी सहित 5 नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी

  मोदी सरकार 2.0 का पहला मंत्रिमंडल विस्तार आज हो गया। इस प्रक्रिया में मंडिमंडल से कई नेताओं को बाहर होना पड़ा है, वहीं कुछ को अहम स्थान मिला है। साथ ही मोदी सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए 2022 में पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों और 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर भी बड़े संकेत दे दिए हैं।

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Modi cabinet expansion

नई दिल्र्ली। बहुप्रतीक्षित कैबिनेट फेरबदल से ठीक पहले जहां डॉ. हर्षवर्धन, रविशंकर प्रसाद, संतोष गंगवार जैसे बड़े नेताओं को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा, वहीं पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल के पहली बार बड़े पैमाने पर मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान 43 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इनमें अनुराग ठाकुर, मीनाक्षी लेखी सहित पांच नेताओं को अहम स्थान मिला है, जो कईयों के लिए चौंकाने वाला भी है। इसके अलावा एमओएस और स्वतंत्र प्रभार वाले लोगों को कैबिनेट में पदोन्नत भी किया गया है।

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ये हैं कैबिनेट फेरबदल के पांच सबसे बड़े नाम

1. अनुराग ठाकुर

हिमाचल प्रदेश से भाजपा सांसद और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर को अब केंद्रीय मंत्रिमंडल में पदोन्नत किया गया है। 46 वर्षीय ठाकुर ने भाजपा के युवा विंग के अध्यक्ष के रूप में 7 वर्षों में 3 कार्यकाल की सेवा की है। वह राजनीतिक पैंतरेबाजी और सियासी बदलाव को भांपने वाले राजनेता के तौर पर उभरे हैं। अनुराग ठाकुर ने जेजेपी के अपने दोस्त दुष्यंत चौटाला के साथ हरियाणा में गठबंधन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। साथ ही जम्मू—कश्मीर डीडीसी चुनाव में भी उन्होंने प्रभाव का सफलतापूर्वक असर दिखाया था। इतना ही नहीं, गृह मंत्री अमित शाह के भरोसे के नेता के रूप में भी उभरकर सामने आए हैं।

2. नारायण राणे

भाजपा के राज्यसभा सांसद नारायण राणे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में पदोन्नत किया गया है। राणे, जिन्होंने तीन राजनीतिक दलों शिवसेना, कांग्रेस और अब भाजपा में काम किया है। उनका छह दशक लंबा राजनीतिक जीवन है। कई मायनों में राणे के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से महाराष्ट्र में भाजपा को फायदा होगा। राणे प्रभावी मराठा राजनेता हैं। जब भाजपा राज्य के महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को सुप्रीम कोर्ट में मराठा कोटा का बचाव करने में विफल रहने के लिए चुनौती दे रही है। ऐसे में महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में संघर्षरत भाजपा को राणे शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के खिलाफ बढ़त दिला सकते हैं।

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3. मीनाक्षी लेखी

बीजेपी की फायरब्रांड प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने भी कैबिनेट में जगह बनाई है। उन्होंने 2014 के चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के रूप में हाई-प्रोफाइल नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र जीता और 2019 में फिर से चुनी गईं। मीनाक्षी की खासियत यह है कि वो बैकडोर से पार्टी नेतृत्व के लिए काम करती रही हैं।

4. ज्योतिरादित्य सिंधिया

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अब केंद्रीय मंत्रिमंडल में वापसी की है। लेकिन इस बार पहली बार मंत्रिमंडल में वापसी एनडीए नेता के रूप में हुई है। मार्च 2020 में सिंधिया के नेतृत्व में कांग्रेस के 22 विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और भाजपा में शामिल हो गए। इस नतीजा यह हुआ कि मध्य प्रदेश में तत्कालीन कमलनाथ नेतृत्व वाली सरकार गिर गई, जिसने भाजपा के फिर से सत्ता में लौटने का मार्ग प्रशस्त किया।

5. मनसुख मंडाविया

केंद्रीय खेल, शिपिंग और जलमार्ग राज्य मंत्री मनसुख मांडविया अब केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं। वह गुजरात से राज्यसभा के सदस्य भी हैं। मांडविया को उनकी पदयात्राओं के लिए जाना जाता है, जिसमें वे गांवों को जोड़ने और एक अच्छे कारण के लिए जागरूकता बढ़ाने के लिए पैदल कई मीलों तक की यात्रा करते हैं। वह प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना ( पीएमबीजेपी ) की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। महिलाओं की मासिक धर्म और स्वच्छता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को हाल ही में यूनिसेफ ने मान्यता दी थी।

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