मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिम बंगाल के 23 में से 22 जिलों में AIMIM ने प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन, पश्चिम बंगाल में AIMIM की गतिविधि तेज हो गई है। दरअसल, राज्य में तकरीबन 30 प्रतिशत मुसलमान वोटर हैं। इनमें 8 से 9 प्रतिशत उर्दू भाषी हैं। चर्चा ये है कि ये सभी ओवैसी के समर्थन में जा सकते हैं। क्योंकि, राज्य में विधानसभा सीटों की संख्या 294 हैं, इनमें 100 से लेकर 100 सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम वोटर्स निर्णायक भूमिका में हैं। इतना ही नहीं ओवैसी की 'आहट' ने ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्योंकि, टीएमसी को डर है कि उनके मुसलमान वोटर्स कहीं ओवैसी की ओर ना चले जाएं। टीएमसी नेता फिरहाद हकीम का कहना है कि ओवैसी वोट कटवा हैं और बीजेपी के पिट्ठू हैं। वहीं, AIMIM के आसिम वकार ने टीएमसी को बीजेपी का एजेंट कहा है। इधर, बीजेपी भी पश्चिम बंगाल में लगातार जीतोड़ मेहनत कर रही है और ममता के गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है। लिहाजा, माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल का मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है।