
नई दिल्ली।
बिहार के साथ 11 राज्यों के उपचुनाव में हुई हार पर कांग्रेस नेताओं में रार बढ़ती जा रही है। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के आत्मनिरीक्षण के बयान से शुरू हुई तकरार पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सिब्बल को शर्मनाक टिप्पणी करने की बजाय किसी दूसरे दल में चले जाना चाहिए।
चौधरी ने कोलकाता में कहा कि सिब्बल पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, उन्हें सार्वजनिक ऐसी शर्मनाक टिप्पणी करने की बजाय पार्टी के भीतर इन मुद्दों को उठा सकते हैं। उधर, कांग्रेस के संगठन मुद्दों को लेकर बनाई गई सलाहकार समिति की बैठक में बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल और गुजरात प्रभारी राजीव सातव ने इस्तीफे की पेशकश की।
प्रचार में क्यों नहीं गए सिब्बल
चौधरी ने कहा कि सिब्बल कांग्रेस और पार्टी के आत्मनिरीक्षण को लेकर चिंतित हैं, लेकिन हमने बिहार, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश या गुजरात के चुनावों में उन्हें नहीं देखा। यदि वह प्रचार करने गए होते तो वह साबित कर सकते थे कि उनका कहना ठीक है और उन्होंने कांग्रेस को मजबूत किया। बिना कुछ किए बोलने भर से आत्मविश्लेषण नहीं होता है।
हार पर मंथन
कांग्रेस सलाहकार समिति की मंगलवार शाम हुई बैठक में संगठन महासचिव के.सी.वेणुगोपाल, महासचिव मुकुल वासनिक, रणदीप सुरजेवाला और सांसद अंबिका सोनी ने भाग लिया। बिहार समेत अन्य राज्यों में हार पर चर्चा हुई। बैठक में गुजरात प्रभारी राजीव सातव व बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने इस्तीफे की पेशकश की, लेकिन यह उचित मंच नहीं। ऐसे फैसले पार्टी अध्यक्ष लेती है।
Published on:
19 Nov 2020 12:12 pm
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