
प्रेसवार्ता करते अनुराग ठाकुर और मनोज तिवारी।
पत्रिका ब्यूरो
नई दिल्ली। भाजपा ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार पर शराब माफिया से सांठगांठ का आरोप लगाया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता और सांसद मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी सरकार को रेवड़ी और बेवड़ी सरकार करार दिया है। उन्होंने पूछा है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने शराब के ठेकों का कमीशन 2 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत क्यों किया?
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भाजपा मुख्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार भ्रष्टाचार की पर्याय बन गई है। आम आदमी पार्टी की सरकार रेवड़ी की सरकार भी है और ‘बेवड़ी सरकार’ भी है। इनके एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कोविड से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। अरविंद केजरीवाल जवाब दें कि शराब माफियाओं को बगैर कैबिनेट की अनुमति के 144 करोड़ रुपये क्यों वापस किए गए। आम आदमी पार्टी ने शराब के ठेकों का कमीशन 2 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत क्यों किया? मनीष सिसोदिया बताएं कि इसमें जो आरोपी हैं, उनसे क्या रिश्ते हैं? भ्रष्टाचार के नए रिकॉर्ड बनाने में केजरीवाल नंबर वन हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सिसोदिया का नया नाम अब है, मनी..शश....। घोटाले करो और उल्टे पांव वापस जाओ। आम आदमी पार्टी के नेता सच्चाई, जिम्मेदारी और सवालों से भागते हैं, अब ये जनता से भी दूर भागेंगे। सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि आप सरकार शराब माफिया के हित में काम करने के लिए प्रसिद्ध हो गई है। आप नेता कहते थे कि इससे 9,500 करोड़ रुपये का राजस्व आएगा, वो मात्र 1,400 करोड़ रुपये क्यों प्राप्त हुआ? दिल्ली में शराब की बिक्री तो बढ़ी है, लेकिन राजस्व कम हुआ है। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में नई शराब पॉलिसी जब इन्होंने बनाई थी, तो उसका गुणगान करते हुए सिसोदिया और केजरीवाल थकते नहीं थे।
21 नवंबर को जब ये नई नीति लॉन्च की तो पत्रकारों द्वारा ये पूछने पर कि आप नई नीति क्यों ला रहे हो? तो मनीष सिसोदिया ने जवाब देते हुए कहा कि ये नीति दिल्ली में शराब के इक्वल डिस्ट्रिब्यूशन के लिए काम करेगी।सिसोदिया जवाब दें कि क्या उन्होंने शराब माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए 21 ड्राई-डे की संख्या को घटाकर 3 किया? उन्होंने बीयर की इंपोर्ट ड्यूटी को गैरकानूनी तरीके से कम किया। दिल्ली में आवासीय परिसरों, स्कूलों के पास, मंदिरों के पास आपने शराब के ठेके खोलने की अनुमति दी। शराब माफियाओं को बगैर कैबिनेट की अनुमति के 144 करोड़ रुपये क्यों वापिस किये गये? इसमें क्या अरविंद केजरीवाल की सहमति थी, या मनीष सिसोदिया के कहने पर ये किया गया। शराब के व्यापारियों के प्रति ये इतने नरम दिल क्यों हैं?
Published on:
20 Aug 2022 11:41 pm
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