
नई दिल्ली। देश के पूर्व गृह मंत्री अरुण जेटली ( Arun Jaitley ) का शनिवार को निधन हो गया। उनका आज यानी रविवार को दिल्ली के निगम बोध घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इस दौरान भाजपा और कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को जेटली को श्रद्धांजलि दी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जेटली के निधन को व्यक्तिगत नुकसान कहा।
शाह ने उन्हें न केवल पार्टी का वरिष्ठ नेता, बल्कि परिवार का हिस्सा भी कहा।
इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को जेटली ( Arun Jaitley ) के घर पहुंच कर उनके अंतिम दर्शन किए। सोनिया गांधी ने जेटली की पत्नी संगीता जेटली को पत्र लिखकर अपना दुख प्रकट किया।
पत्र में सोनिया गांधी ने लिखा कि अरुण जेटली का हमेशा ही राजनीति के बाहर मित्रों जैसा व्यवहार था।
इसके साथ ही उनमें अदम्य साहस था। यही वजह है कि जीवन के अंतिम क्षणों में भी उन्होंने गंभीर बीमारी का डट कर मुकाबला किया।
आपको बता दें कि ( Arun Jaitley ) पार्टी के लिए संकटमोचक तो थे ही, उनकी खासियत यह थी कि वह विपक्षी दलों में भी स्वीकार्य होते थे।
उनके निधन पर भाजपा के साथ ही अन्य दलों के नेताओं ने भी गहरा दुख जताया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बड़े नेता ने लंबी बीमारी के बाद शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अंतिम सांस ली।
मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने जेटली ( Arun Jaitley ) को कानूनी प्रबुद्ध व्यक्ति के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि वह न केवल सदन के पटल पर, बल्कि अदालत कक्ष में भी बहुत अच्छी तरह से बोल सकते थे।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने याद किया कि किस तरह जेटली को सत्तापक्ष और विपक्ष, सभी ने सराहा। सिंह ने कहा कि उन्हें मुद्दों के बारे में गहरी और स्पष्ट समझ थी।
उनके ज्ञान और अभिव्यक्ति ने कई दोस्तों का दिल जीता।
Updated on:
25 Aug 2019 01:37 pm
Published on:
25 Aug 2019 09:12 am
