
शर्तों के साथ संवाद को बनाए रखना संभव नहीं।
नई दिल्ली। दिल्ली बॉर्डर पर कृषि कानूनों की वापसी की जिद पर अड़े किसानों को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार या पीएम मोदी किसी से कहीं भी बातचीत करने के लिए तैयार हैं। लेकिन किसानों को जिद नहीं करनी चाहिए।
बीजेपी खुले मन से चर्चा के लिए तैयार है। फिर हां या न संवाद की भाषा नहीं होती। ये बात समझने की जरूरत है। कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों नेताओं को भी इस पर गंभीरता से विचार करनी चाहिए।
ममता के कुशासन से जनता परेशान
बता दें कि गृह मंंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। उन्होंने कल मिदनापुर की रैली में कहा था कि इस बार पश्चिम बंगाल में हम 200 से ज्यादा सीट जीतेंगे। ममता बनर्जी का सत्ता से बाहर होना तय है। बंगाल की जनता ममता सरकार के कुशासन से परेशान है। रविवार को उन्होंने शांति निकेतन का दौरा किया। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की और विश्व भारती विश्वविद्यालय के बांग्लादेश भवन में लोगों को संबोधित किया। कुछ देर बाद अमित शाह बीरभूम में एक किलोमीटर लंबा रोड शो में शामिल होंगे।
Updated on:
20 Dec 2020 03:31 pm
Published on:
20 Dec 2020 03:27 pm
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