
नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट से भाजपा को एक बार फिर झटका लगा है। भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के नॉमिनेशन की तारीख बढ़ाने को लेकर याचिका दायर की थी, जिसपर कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार दर दिया है। कोर्ट ने भाजपा को सलाह देत हुए कहा कि इस मामले में वह पहले कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को इस मामले की सुनवाई गुरुवार को करने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि 1,3, 5 मई को राज्य में पंचायत चुनाव होने हैं।
भाजपा की याचिका खारिज
आपको बता दें कि इससे पहले राज्य चुनाव आयोग ने मई में होने वाले पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की बढ़ी समयसीमा वापस ले ली थी। भाजपा आयोग के इस फैसले के खिलाफ मंगलावार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
राज्य निर्वाचन आयोग ने बढ़ी समयसीमा को किया रद्द
गौरतलब है कि बीते सोमवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख थी। हालांकि विपक्षी दलों की शिकायत के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने एक दिन की समयसीमा बढ़ा दी थी। लेकिन आयोग ने अचानक अपने निर्णय को रद्द कर कर दिया और दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट में नामांकन की तारीख को आगे बढ़ाने के बारे में कोई निर्देश नहीं दिया था।
आपको बता दें कि इससे पहले पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थी जिसपर सोमवार को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने साथ ही ये भी कहा कि आप पहले राज्य चुनाव आयोग के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराएं। राज्य चुनाव आयोग आपको शिकायतों का निपटारा कानूनी तौर पर करेगा।
भाजपा का आरोप
पश्चिम बंगाल की भाजपा यूनिट ने राज्य निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाया है कि वे सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस के दबाव में काम कर रहे हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि आयोग के इस निर्णय के कारण पार्टी के कई उम्मीद्वार अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर पाए हैं।
Published on:
11 Apr 2018 06:10 pm
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