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नवीन पटनायक पर कांग्रेस-बीजेपी का तंज, 20 साल तक क्यों नहीं सीखे ओडिया भाषा

बीजेपी और कांग्रेस ने कहा कि भाषा के नाम पर नवीन राजनीति कर रहे हैं।
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नई दिल्ली

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Prashant Kumar Jha

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Updated: 27 Dec 2017, 8:19 PM IST

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भुवनेश्वर: ओड़िया भाषा को समृद्ध और व्यावहारिक बनाने के नवीन पटनायक सरकार के हालिये फैसले पर भाजपा और कांग्रेस आक्रामक मूड में आ गए हैं। बीजद के स्थापना दिवस को ओडिया भाषा के लिए ऐतिहासिक दिवस बनाने वाले मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के इस फैसले पर भाजपा के वरिष्ठ नेता विश्वभूषण हरिचंदन ने कहा कि जिन्हें 20 साल सत्ता में हो गए और ओडि़या नहीं सीख पाए, वो ओडि़शावासियों को भाषा का ज्ञान दे रहे हैं।

ध्यान बांटने के लिए गेम खेला गया

हरिचंदन ने कहा कि भाषा के नाम पर नवीन राजनीति कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि उनके(नवीन पटनायक) हृदय में ओडि़या भाषा के प्रति इतना ही सम्मान था तो ओडिया सीख लेते। इस राज्य का शासक ही राज्य की भाषा नहीं जानता और समझता है। हरिचंदन का कहना है कि लोगों को ध्यान बंटाने के लिए सत्ता दल बीजद द्वारा ओडिया
भाषा का वाला गेम खेला गया है।

पटनायक पर कांग्रेस तल्ख

दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रसाद हरिचंदन ने प्रेस वार्ता करके नवीन पटनायक के ओडि़या भाषा को प्रमोट करने को लिए गए निर्णयों को पोलिटिकल शोशा बताया। उनका कहना है कि ये सारे फैसले पहले से ही लिए जा चुके हैं तब कांग्रेस का शासनकाल था। प्रसाद ने कहा कि जानकी बल्लभ पटनायक और नवकृष्ण चौधरी के शासनकाल में ओडिया भाषा से संबंधित नियम कानून पास किए गए थे। नवीन पटनायक तो जनता की आंख में धूल झोंक रहे हैं।

ओड़िया भाषा बनाने पर सरकार का जोर

गौरतलब है कि पटनायक कैबिनेट ने ओड़िया भाषा एवं संस्कृति के व्यापक प्रचार प्रसार पर जोर दिया है। कैबिनेट ने सरकारी कार्य एवं प्रशासनिक कार्य में ओड़िया भाषा के प्रयोग के लिए कमेटी गठित कर दी है। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग को अलग करके नया ओड़िया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग बनाने का भी प्रस्ताव पास किया गया है।