
नई दिल्ली। बूकानाकेरे सिद्धलिंगप्पा येदियुरप्पा एकबार फिर कर्नाटक के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं। 76 साल के बीएस येदियुरप्पा इससे पहले भी तीन बार कर्नाटक के सीएम रहे लेकिन एक भी कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए।
अब चौथी बार सीएम बनने के बाद भी bs yediyurappa को एक अग्नि परीक्षा से गुजरना होगा। इसके बाद भी वे अपने चेहतों को मंत्रिमंडल में शामिल करेंगे।
फ्लोर टेस्ट के बाद बनेगा मंत्रिमंडल
खबर है कि floor test के बाद ही येदियुरप्पा अपने मंत्रिमंडल का गठन करेंगे। कैबिनेट में सिर्फ 34 विधायकों को जगह मिल सकती है, लेकिन दावेदार दोगुने हैं। बीजेपी के अंदर ही मंत्री बनने की चाहत रखने वाले करीब 60 विधायक हैं। इसके अलावा 10 बागी विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करना बीजेपी की मजबूरी हो सकती है।
सोमवार को पेश करेंगे बहुमत
येदियुरप्पा को सात दिनों के अंदर विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित करना होगा। सीएम बनने के बाद उन्होंने कहा है कि 29 जुलाई यानी सोमवार को विधानसभा में बहुमत सिद्ध करेंगे। हालांकि सदन के अंदर अभी येदियुरप्पा के पास बहुमत नहीं है।
शुक्रवार को उन्होंने karnataka Governor vajubhai vala को 105 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपा है। जिसमें उनको विधायक दल का नेता चुना गया है। इसके बाद गवर्नर ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया।
बीजेपी को चाहिए 8 और विधायक
कर्नाटक विधानसभा में बीजेपी के पास 105 विधायक हैं। सरकार बनाने के लिए 113 विधायकों की जरूरत है। यानी विधानसभा के अंदर बहुमत साबित करने के लिए बीजेपी को अभी 8 और विधायकों की जरूरत है।
बागियों से होगा बेड़ा पार
माना जा रहा है कि कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों में से कुछ बीजेपी के साथ जा सकते हैं। इसके अलावा BSP के भी एक विधायक का समर्थन बीजेपी को मिल सकता है। हालांकि, बीजेपी के लिए राह इतनी भी आसान नहीं है।
Updated on:
26 Jul 2019 08:16 pm
Published on:
26 Jul 2019 07:59 pm
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