
नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल ( citizenship amendment bill 2019 ) पेश कर दिया है। बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने इस बिल को संविधान के खिलाफ बताया। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि इस बिल पर सरकार में इतनी जल्दबाजी क्यों है। इस बिल को संसदीय कमेटी के पास भेजा जाता इसके बाद इसे लाया जाता। आनंद शर्मा ने कहा कि पहले वाले और अब के बिल में काफी अंतर है। इतिहास इसे कैसे देखेगा ये तो वक्त बताएगा।
बिल संवैधानिक और नैतिक अधार पर गलत
कांग्रेस नेता ने कहा कि 72 साल में ऐसा पहली बार हुआ है। यह बिल विरोध के लायक ही है। यह बिल संवैधानिक और नैतिक अधार पर गलत है। यह बिल लोगों को बांटने वाला है।
संविधान निर्माताओं पर सवाल खड़ा करता है बिल
यह बिल संविधान निर्माताओं पर सवाल खड़ा करता है। आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार को यह समझ नहीं आ रहा। भारत का संविधान सभी के लिए बराबर है। हमारे संविधान ने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया।
कांग्रेस ने टू नेशन थ्योरी का किया विरोध
आंनद शर्मा ने कहा कि बंटवारे के बाद जो लोग भारत आए आए उन्हें सम्मान मिला है। यहां तक की पाकिस्तान से आए दो नेता प्रधानमंत्री भी बने हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी दो नेशन थ्योरी नहीं दी थी। दो नेशन की बात सावरकर ने हिंदू महासभा की बैठक में दी थी।
कांग्रेस ने टू नेशन थ्योरी का किया विरोध
कांग्रेस नेता ने कहा कि हमारी पार्टी ने टू नेशन थ्योरी का विरोध किया था और उसे बैन भी कर दिया गया था। उस दौरान हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग ने दो देशों की थ्योरी का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का बंटवारा अंग्रेजों की वजह से हुआ कांग्रेस नहीं किया।
Updated on:
11 Dec 2019 01:54 pm
Published on:
11 Dec 2019 01:39 pm
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