
नई दिल्ली. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारामैय्या ने मैसुरु में मीडिया को बताया कि सबसे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि वह अहिंदू हैं या नहीं। अगर हिंदू नहीं है तो क्या वो जैन धर्म को मानने वाले हैं। यह बयान देकर सीएम सिद्धारमैया ने बीजेपी अध्यक्ष पर सीधे हमला बोलते हुए एक तरह से उन्हें अहिंदू करार दिया है। दाणवणगेरे में अमित शाह के दिए गए उस बयान के दो दिन बाद उन्होंने यह बयान दिया है। दो दिन पहले शाह ने कहा था कि सिद्धारमैया अहिंदा यानि अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों और दलितों के लिए कन्नड़ के नेता नहीं हैं । ऐसा कहकहर उन्होंने कर्नाटक के सीएम को हिंदू विरोधी करार दिया था। आपको बता दें कि कर्नाटक में अहिंदा शब्द असम्मान का प्रतीक है।
मुझसे डरते हैं शाह
सिद्धारामैय्या ने कहा कि अमित शाह एक जैन हैं। उन्हें पहले ये स्पष्ट करना होगा कि वह अहिंदू हैं या नहीं। जैन एक अलग धर्म है, वह मेरे बारे में इस तरह से कैसे बात कर सकते हैं कि मैं हिंदू विरोधी हूं। दरअसल वह मुझसे डरते हैं। यही कारण है कि वो मेरे खिलाफ निराधार आरोप लगा रहे हैं। उनके पास धार्मिक एजेंडा है जिस पर वो कर्नाटक का चुनाव लड़ना चाहते हैं। बीजेपी विकास के नाम पर चुनाव नहीं लड़ना चाहती है। यही वजह है कि वो मुझे अहिंदू करार देने पर तुले हैं।
जीडीएस को दी चुनौती
इसके साथ ही उन्होंने पूर्व पीएम देवगौड़ा नेतृत्व वाली जीडीएस के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी को चुनौती देते हुए कहा कि मैं चामुंडेश्वरी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी इस विषय पर जो भी चाहें कह सकते हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि मैं यहां से जीतूंगा। क्या कुमारस्वामी को पता है कि मैं यहां से कितनी बार चुनाव लड़ चुका हूं? नहीं पता है तो मैं उन्हें बता देता हूं कि यहां में पांच बार चुनाव लड़ चुका हूं। यहां से मैं सिर्फ दो बार हारा हूं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार को सीएम ने चामुंडेश्वरी सीट पर अपना चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है। इस दौरान उन्होंने कई गांवों का दौरा किया, रोड शो के बाद कई मंदिेरों पहुंचकर मत्थ टेका।
Updated on:
30 Mar 2018 12:59 pm
Published on:
30 Mar 2018 08:54 am
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