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आखिर क्या हुआ ऐसा? नितिन गडकरी के खिलाफ PM मोदी तक पहुंच गई शिकायत, नए पत्र से मचा बवाल!

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामला सिगंदूर पुल के उद्घाटन से जुड़ा है। इस पत्र से सियासी जगत में भूचाल मच गया है और नए विवाद ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।

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भारत

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Mukul Kumar

Jul 15, 2025

नितिन गडकरी के खिलाफ PM मोदी तक पहुंच गई शिकायत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ शिकायत पहुंच गई है। एक बड़े नेता ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है, इसके साथ उन्होंने कार्रवाई की मांग की है। नए लेटर से सियासी जगत में भूचाल मच गया है।

दरअसल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। मामला सिगंदूर पुल के उद्घाटन से जुड़ा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक दिन पहले इस पुल का उद्घाटन किया।

इसपर सीएम सिद्धारमैया ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से चर्चा किए बिना प्रदेश में कोई भी कार्यक्रम आयोजित करना सरासर मनमानी है।

सिद्धारमैया बोले- राज्य सरकार ने नहीं ली गई सलाह

सीएम सिद्धारमैया ने पीएम को अपने पत्र में कहा कि राज्य सरकार से परामर्श किए बिना राज्य में कोई भी कार्यक्रम आयोजित करना, इसके साथ उप-मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के अध्यक्ष के नामों से पहले पूर्व सीएम का नाम छापकर कार्यक्रम में निमंत्रण देना और उसे आयोजित करना, सरासर प्रोटोकॉल का उल्लंघन करना है।

सीएम ने आगे लिखा कि राज्य सरकार की स्पष्ट असहमति के बावजूद, यह पूरी तरह से मनमानी है और संघवाद की मूल भावना का उल्लंघन है, जिसने हमेशा हमारे संविधान के जनादेश के अनुसार केंद्र और राज्यों के संबंधों को संचालित किया है।

उन्होंने लिखा कि कर्नाटक सरकार इस तरह की असहयोगात्मक कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराती है। मुझे उम्मीद है कि सभी केंद्रीय मंत्रियों को भविष्य में इस तरह के विवादास्पद कार्यों से बचने की सख्त सलाह दी जाएगी

मुख्यमंत्री बोले- कार्यक्रम स्थगित करने का किया था अनुरोध

कार्यक्रम का विवरण देते हुए, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 14 जुलाई को शिवमोग्गा जिले में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 88 किलोमीटर लंबी 9 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लोकार्पण का शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया था।

अन्य स्रोतों से इस समारोह के बारे में पता चलने के बाद, मैंने 11 जुलाई को केंद्रीय मंत्री से व्यक्तिगत रूप से बात की और पत्र लिखकर कार्यक्रम स्थगित करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि शिवमोग्गा के सागर तालुक में कार्यक्रम राज्य सरकार से परामर्श किए बिना आयोजित किया गया था और बिना पूर्व सूचना के निमंत्रण में मुख्यमंत्री का नाम भी शामिल किया गया था। हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम स्थगित करने पर सहमति व्यक्त की, लेकिन हमारे लिए यह निराशाजनक है कि समारोह आयोजित किया गया।

उन्होंने कहा कि मैं यह बताना चाहूंगा कि शरावती बैकवाटर और अंबरगोडु तथा कलसावल्ली के बीच संपर्क मार्ग पर प्रमुख पुल के निर्माण की परिकल्पना सबसे पहले राज्य सरकार द्वारा की गई थी और 2013 में इसे भारत सरकार द्वारा क्रियान्वित किया गया।

सीएम बोले- जल्दबाजी में नहीं करना चाहिए था कार्यक्रम

सीएम ने आगे कहा कि इस परियोजना से संबंधित काम अभी पूरे नहीं हुए हैं, इसलिए कार्यक्रम को जल्दबाजी में आयोजित नहीं किया जाना चाहिए था। वहीं, दूसरी ओर, सिद्धारमैया द्वारा सिगंदूर केबल ब्रिज परियोजना के उद्घाटन के निमंत्रण में केंद्र द्वारा उपेक्षा किए जाने पर उठाई गई आपत्तियों पर केंद्र ने जवाब भी दिया।

केंद्र सरकार ने आपत्ति पर दिया जवाब

केंद्र सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री को 11 जून को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था और उनसे कार्यक्रम की अध्यक्षता करने का अनुरोध भी किया गया था।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर कहा कि क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सोमवार को कर्नाटक के शिवमोग्गा में कई प्रमुख प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास समारोह आयोजित किया जा रहा है।

गडकरी ने कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया जी को 11 जुलाई 2025 को कार्यक्रम की अध्यक्षता करने के लिए आधिकारिक निमंत्रण दिया गया था। किसी भी संभावित शेड्यूलिंग चुनौतियों के मद्देनजर, 12 जुलाई को एक पत्र भेजा गया, जिसमें उनकी वर्चुअल उपस्थिति का अनुरोध किया गया।