
नई दिल्ली । कर्नाटक में सियासी ड्रामा जारी है।देश की सबसे बड़ी अदालत ने भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस के नेता तिलमिलाए हुए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर सिलसिलेवार ट्वीट कर हमला बोला है साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बीजेपी का साथ छोड़ने की सलाह दी है। नीतीश कुमार ने गुरुवार करीब सात बजे पहला ट्वीट करते हुए कहा कि लिखा कि, “ भाजपा के लिए ना संविधान ना नियम, ना क़ानून, ना देश हित उन्हें केवल चाहिए पैसे से सत्ता और सत्ता से पैसा। बाकि सब जाएं भाड़ में। लेकिन हम अब लड़ेंगे, हर तरह से- लोकतंत्र के ख़ातिर, देश के ख़ातिर, संविधान के ख़ातिर। अपने दूसरे ट्वीट में दिग्विजय सिंह ने कहा, "आज़ादी की लड़ाई लड़ने वालों ने यह दिन देखने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर नहीं किया था। लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए हमें संसद/ विधान सभा में अदालत में लड़ना पड़ेगा और सड़क पर भी उतरना पड़ेगा " । इसके बाद दिग्विजय सिंह ने चार-पांच रिट्वीट किए।
नीतीश कुमार को बीजेपी का साथ छोड़ने की सलाह
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भाजपा से अलग होने की सलाह देते हुए ट्वीट किया। दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में लोक नायक जय प्रकाश नारायण को भी याद किया। उन्होंने लिखा, “ नीतिश जी ज़रा सोचिए यदि जय प्रकाश नारायण जी आज होते तो क्या भाजपा व मोदी जी ने जो कुछ कर्नाटक में किया उसका समर्थन करते? कभी नहीं। इस कृत्य का विरोध करने के लिए लोगों को सड़कों पर उतरने का आव्हान करते और ख़ुद उसका नेतृत्व करते। "आप उनके शिष्य रहे हैं। क्या आप अब भी भाजपा के समर्थन से कुर्सी पर बना रहना पसन्द करेंगे? आपने हमेशा नैतिकता की दुहाई दी है क्या भाजपा ने जो कुछ किया है वह नैतिक है ? यदि नहीं है तो आज ही भाजपा को छोड़िये और राजद व कॉंग्रेस की सरकार बिहार में बनाइये।" दिग्गविजय सिंह ने साथ ही कहा कि अगर आप ने बीजेपी का साथ नहीं छोड़ा था इतिहास आप को कभी माफ नहीं करेगा। दिग्विजय ने ट्वीट किया कि, “ मैं भाजपा को आप से ज़्यादा अच्छी तरह से जानता हूँ। इनका मतलब निकलने के बाद आप को भी भाजपा नहीं बख्शेगी। कुछ करिए अन्यथा इतिहास आपको माफ़ नहीं करेगा। "
आप को यहा बता दें कि 2015 के विधानसभा चुनावों में नीतीश कुमार ने लालू के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई थी। लेकिन कुछ ही महीनों में ये गठबंधन टूट गया और नीतीश कुमार ने फिर से बीजेपी के समर्थन से सरकार बनाई।
Published on:
17 May 2018 09:24 am
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