7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कांग्रेस में कैश किल्लत: शशि थरूर ने कर्नाटक और केरल का दिया हवाला, पैसों के लिए दिए सुझाव

कैश किल्लत को लेकर कांग्रेस नए-नए बयानों के साथ मैदान में उतर रही है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी फंडिंग को लेकर बयान दिया है।

2 min read
Google source verification
shashi

कांग्रेस में कैश किल्लत: शशि थरूर ने कर्नाटक और केरल का दिया हवाला, पैसों के लिए दिए सुझाव

नई दिल्ली। कैश की किल्लत झेल रही कांग्रेस सरकार अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने की कोशिशों में लगी है। बता दें आगामी लोकसभा चुनाव के लिए ये स्थिति कांग्रेस के लिए आफत ला सकती है। वहीं पैसों की कमी को लेकर कांग्रेस नए-नए बयानों के साथ मैदान में उतर रही है। इसी क्रम में विवादों में रहने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर का बयान आया है।

अलवर जिले के विधायकों ने खर्च नहीं की विधायक निधि, जानिए किस विधायक के पास कितनी राशि है बकाया

कैश किल्लत पर शशि थरूर ने कहा कि भाजपा के पास पैसों की कमी नहीं है क्योंकि इस दौरान सबसे ज्यादा पैसे सिर्फ उन लोगों को ही दिए गए, जो पाॅवर में थे और सत्ता जिसके पास थी। वहीं कांग्रेस के रीजनल ऑफिसों को चलाने के लिए पिछले कई महीनों में एक भी पैसा नहीं दिया गया है।

इसी वजह से कई पार्टियां इस समय कैश की किल्लत झेल रही है। खासकर कांग्रेस पर इसका भारी असर पड़ा है। कर्नाटक के चुनाव का हवाला देते हुए शशि थरूर ने कहा- कर्नाटक चुनाव के दौरान भाजपा के कई उम्मीदवारों ने खुद के पैसों से ही कैंपेन किया था जबकि हमने लोगों से चंदा जमा करके पैसों की व्यवस्था की थी और हम सफल भी रहे।

पार्टी फंड के लिए जोगी का नया फंडा, दो हजार दो और ले जाओ चांदी का सिक्का

केरल में भी हमने कई यात्राएं की और लोगों से ही चंदा इक्कठा किया था। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए शशि थरूर ने कहा कि पूरे देश में हम इसी तरह से कैंपेन करेंगे और सफल भी होंगे।

बता दें कि शशि थरूर ने एक ट्वीट भी किया था जिसमें उन्होंने कहा- कांग्रेस इस समय वित्तीय संकट से जूझ रही है, इस बात को स्वीकारने में हमें हिचकना नहीं चाहिए। बल्कि हमें देश की जनता से आग्रह करना होगा कि भाजपा के धन के मुकाबले में हमारी सहायता करें।

गौरतलब है कि हाल ही में एडीआर ने जानाकरी दी थी कि सात राष्ट्रीय दलों ने वर्ष 2016-17 के लिए कुल मिलाकर 1,559 करोड़ रुपये दिए थे। जिसमें से भाजपा को 66.3 प्रतिशत मिला था, जो कांग्रेस के हिस्से से कहीं ज्यादा था।