
Trivandrum International Airport को अडानी ग्रुप को लीज पर दिए जाने के फैसले के खिलाफ CM P Vijyan ने All Party meeting बुलाई थी।
नई दिल्ली। केरल में सत्तारूढ़ लेफ्ट और कांग्रेस के बीच हमेशा से छत्तीस का आंकड़ा रहा है, लेकिन मोदी सरकार (Modi Government ) के एक फैसले ने दोनों पार्टियों को एक स्टैंड लेने पर मजबूर कर दिया है। दोनों ही पार्टियों ने त्रिवेंद्रम अंतरराष्ट्र राष्ट्रीय हवाईअड्डे को ( Trivandrum International Airport ) निजी हाथों में सौंपे जाने का विरोध कर रही हैं। दूसरी तरफ हमेशा से मोदी सरकार के खिलाफ बोलने वाले कांग्रेस नेता शशि थरूर ( Congress MP Shashi Tharoor ) ने पार्टी लाइन से हटकर मोदी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर के इस रुख को अपनी पार्टी आलाकमान के खिलाफ विरोधी तेवर भी माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि थरूर ने इस मुद्दे पर पार्टी से अलग लाइन लेकर गलत किया है।
दरअसल, त्रिवेंद्रम इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अडानी ग्रुप को लीज पर दिए जाने के फैसले के खिलाफ मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ( CM P Vijyan ) ने ऑल पार्टी मीटिंग ( All Party meeting ) बुलाई थी। इस मीटिंग में कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF और लेफ्ट के LDF के नेता शिरकत करने पहुंचे थे। लेकिन इस बैठक से कांग्रेस नेता शशि थरूर ने दूरी बना ली।
इस मुद्दे पर ट्विट करते हुए शशि थरूर ने लिखा है कि तिरुवनंतपुरम के इतिहास को देखते हुए स्थानीय लोग फर्स्ट क्लास एयरपोर्ट के हकदार हैं। मैं तो कहूंगा कि इस फैसले के लेने में देरी हुई है। कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा कि वह ऐसे नेता नहीं हैं जो मतदाताओं से कुछ और कहें और बाद में राजनीतिक सुविधा के हिसाब से अपनी बात से पलट जाएं।
3 एयरपोर्ट को लीज पर देने की योजना
आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी की अगुआई में हुई कैबिनेट की बैठक में देश के 3 एयरपोर्ट को 50 सालों के लिए निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया गया है। मोदी सरकार के इस फैसले में जयपुर, गुवाहाटी और त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट को पीपीपी मॉडल के जरिए 50 साल के लिए लीज पर देने का फैसला लिया है। केंद्र के इस फैसले का केरल सरकार और कांग्रेस विरोध कर रही है।
Updated on:
21 Aug 2020 04:33 pm
Published on:
21 Aug 2020 04:28 pm
