
नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल को पूर्ण बहुमत न मिलने के बाद महाराष्ट्र में सरकार बनाने का पेंच फंसता नजर आ रहा है।
शिवसेना ने राज्य में 50-50 के फॉर्मूले की गुगली उछाल दी है। शिवसेना ने इसके लिए भाजपा से लिखित में समर्थन मांगा है।
50-50 के फार्मूले के अनुसार महाराष्ट्र में ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री भाजपा और शिवसेना दोनों दलों से होगा।
महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा के इस सियासी समीकरण के बीच कांग्रेस ने भी दांव खेल दिया है। विधानसभा में कांग्रेस के नेता विपक्ष विजय वडेट्टीवार ने कहा कि अगर शिवसेना कांग्रेस के साथ सरकार बनाने पर विचार करती है तो महाराष्ट्र कांग्रेस इस मसले पर आलाकमान से बातचीत करेगी। आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के गुरुवार को आए अप्रत्याशित नतीजों के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस ने शुक्रवार को संकेत दिया कि वह शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन दे सकती है।
इससे एक दिन पहले इसी प्रकार का प्रस्ताव राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता व पूर्व उप मुख्यमंत्री छगन भुजबल व कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद हुसैन दलवी द्वारा दिया गया था, ऐसा शिवसेना के सहयोगी व सत्तारूढ़ भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए आया है। राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने मीडियाकर्मियों से कहा था कि हम से इस पर अब तक शिवसेना से कोई बातचीत नहीं हुई है। हालांकि, अगर ऐसा होता है तो हम इस मामले पर निर्णय के लिए पार्टी आलाकमान के समक्ष रखेंगे।
कांग्रेस, राकांपा और इसके दूसरे सहयोगियों ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में 117 सीट हासिल किया है। भाजपा-शिवसेना ने संयुक्त रूप से 161 सीटें हासिल की हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को स्पष्ट तौर पर इस तरह की अटकलों को खारिज कर दिया था और दृढ़ता के साथ कहा कि अगली सरकार भाजपा व उसके सहयोगी बनाएंगे।
Updated on:
26 Oct 2019 09:43 pm
Published on:
26 Oct 2019 03:41 pm
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