Corona Spread : सरकार की किरकिरी से नाराज नीतीश ने प्रधान सचिव की लगाई क्लास

  • Health Minister Mangal Pandey ने सीएम से की थी प्रधान सचिव की शिकायत।
  • CM ने साफ शब्दों में कहा - विभाग नहीं संभाल सकते तो छोड़ दीजिए जिम्मेदारी।
  • CM Nitish बोले - बिहार में क्यों नहीं हो सकता 38 हजार टेस्ट।

By: Dhirendra

Updated: 26 Jul 2020, 06:21 PM IST

नई दिल्ली। बिहार में कोरोना विस्फोट (Corona explosion ) के बाद से स्थिति बहुत खराब है। अचानक बड़ी संख्या में कोरोना मरीज सामने और स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने से सीएम नीतीश कुमार ( CM Nitish Kumar ) सरकार की व्यापक स्तर पर किरकिरी हुई है। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली से लेकर पटना तक नीतीश कुमार की सरकार हमला बोल दिया है। विपक्ष ने प्रदेश सरकार ( State Government ) पर लोगों की जान की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।

इससे सकते में आए मुख्यमंत्री नीतीश ने इस मुद्दे पर बुलाई गई कैबिनेट बैठक ( Cabunet meeting ) में राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत ( Principal Secretary Uday Singh Kumawat ) की जमकर क्लास लगा दी।

माना जा रहा है कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ( Health Minister Mangal Pandey ) ने सीएम नीतीश कुमार से प्रधान स्वास्थ्य सचिव की शिकायत की थी। मंगल पांडे ने बताया था कि प्रधान सचिव उनकी बात नहीं सुनते हैं। स्वास्थ्य विभाग में सिर्फ अपनी मनमानी करते हैं।

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काम नहीं संभलता तो छोड़िए विभाग

बैठक के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को सख्त लहजे में कहा कि RTPC टेस्ट 20 हज़ार प्रतिदिन नहीं हुआ तो आपके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। नीतीश ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से कहा कि अगर आपसे विभाग नहीं संभलता तो छोड़िए विभाग।

100 कोविद-19 बेड की व्यवस्था करने का आदेश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार की किरकिरी के बाद कैबिनेट बैठक में इतने खफा थे कि अनुमंडल स्तर पर हॉस्पिटल में 100 कोविद-19 ( Covid-19 ) बेड की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार के सभी सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की भरपूर व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने को कहा। जिलों के मरीज़ों का जिलों में इलाज करने की व्यवस्था करने को कहा। ताकि पटना के हॉस्पिटलों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

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दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत

सीएम नीतीश कुमार ( CM Nitish Kumar ) ने प्रदेश के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि जब दिल्ली में रोज 38 हजार टेस्ट हो सकते हैं तो बिहार में क्यों नहीं? सीएम ने कहा कि पिछले 14 साल में उनके सामने ऐसी परिस्थिति नहीं आई है। जल्द कोरोना की जांच ( Corona Testing ) बढ़ाएं नहीं तो लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।

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