28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रक्षा मंत्री ने कांग्रेस के आरोपों को बताया शर्मनाक, कहा- UPA सरकार ने लटकाया राफेल सौदा

राफेल विमान सौदे को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधा।

2 min read
Google source verification

नई दिल्ली। राफेल विमानों को लेकर जारी राजनीति के बीच शुक्रवार को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति सुरक्षाबलों के लिए नुकसानदेह होगी। राफेल सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों पर रक्षा मंत्री सीतारमण ने कहा कि वायुसेना को जल्द से जल्द राफेल जैसे हाईटेक विमानों की जरूरत थी। इस वजह से सितंबर 2016 में 36 राफेल विमानों का सौदा तय किया गया। विमान की कीमत पर उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार जिन कीमतों पर विमान को खरीदने की योजना बना रही थी, उससे अच्छी कीमतों पर हमने सौदा तय किया है। इस वजह से दामों को लेकर सवाल उठाना दुखद है। उन्होंने यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने सुरक्षाबलों के आधुनिकीकरण पर 10 साल तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया। ऐसे में अब राफेल पर राजनीति करना सुरक्षाबलों के लिए नुकसानदेह होगा।

क्या था कांग्रेस का आरोप?
आपको बता दें कि कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि मोदी सराकर ने राफेल लड़ाकू विमानों के लिए फ्रांस की कंपनी डसाल्ट एवियेशन के साथ जो समझौता किया है उसके लिए ज्यादा पैसों का भुगतान किया गया है। कांग्रेस ने कहा था कि सरकार ने 526 करोड़ रुपए के विमानों का सौदा 1571 करोड़ में किया है। डसाल्ट एवियेशन भारतीय वायुसेना को 36 राफेल लड़ाकू विमान देगी।

फ्रांस ने दिया आरोपों का जवाब
वहीं दूसरी ओर राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे को लेकर कांग्रेस द्वारा नरेंद्र मोदी सरकार पर लगाए गए सभी आरोपों को फ्रांस ने खारिज कर दिया है। फ्रांस ने कहा कि 36 राफेल विमानों की खरीदारी में किसी तरह का घोटाला नहीं हुआ है। फ्रांस ने बगैर नाम लिए कांग्रेस को जवाब देते हुए कहा कि आरोप लगाने से पहले तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए।

राहुल ने कहा- रिलायंस मेक इन इंडिया है

फ्रांस का जवाब आने का बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपने ही अंदाज में मोदी सरकार पर फिर हमला बोला। राहुल ने मोदी सरकार और रिलायंस कंपनी के संबंधों को लेकर तंज कसा और लिखा है कि सेल्फ 'रिलायंस' स्पष्ट रुप से 'मेक इन इंडिया' का एक महत्वपूर्ण पहलू है। क्या आप राफेल सौदे के लिए एयरस्पेस में शून्य अनुभव करने वाले किसी पर 'रिलायंस' की व्याख्या कर सकते हैं?