
2019 लोकसभा चुनाव में नहीं बढ़ पाई वंशवाद की बेल, अधिकांश उत्तराधिकारी हारे
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों से यह स्पष्ट हो गया है कि देश में एक बार फिर से भाजपा सरकार बनने जा रही है। यूं तो इसबार का चुनाव कई मायनों में अहम रहा, लेकिन खास बात यह रही है कि अबकि बार लोकसभा चुनाव में न केवल जातीय गणित धराशायी हुआ, बल्कि वंशवादी राजनीति को भी भारी झटका लगा है। राजनीतिक परिवार से आने वाले अधिकांश उम्मीदवारों को इस बार हार का सामना करना पड़ा है।
चाहे बात यूपी मुलायम सिंह का परिवार की हो, या बिहार में लालू प्रसाद का परिवार की, यहां तक कि हरियाणा में हुड्डा और महाराष्ट्र का पवार परिवार भी अपने उत्तराधिकारियों को हराने न बचा सके। सभी परिवारों के उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिह हुड्डा के बेटे कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा रोहतक सीट पर मामूली मतों से पीछे चल रहे हैं। उनके पिता सोनीपत सीट हार गए।
हरियाणा में ही पूर्व केंद्रीय मंत्री बिरेंद्र सिंह के बेटे भाजपा उम्मीदवार ब्रिजेंद्र सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के पौत्र दुष्यंत चौटाला को हराया। हरियाणा में ही पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल के परिवार की तीसरी पीढ़ी के भव्य बिश्ननोई को हराया।
यूपी में रालोद नेता अजित सिंह चुनाव हार गए हैं, जबकि उनके बेटे जयंत चौधरी भी चुनाव हारते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा मुलायम सिंह यादव की बहू और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव भी कन्नौज में पीछे चल रही हैं। यहां तक कि मुलायम के भतीजे धर्मेंद्र याव भी बदायूं से पीछे चल रहे हैं। जकि दूसरे भतीजे अक्षय यादव फिरोजपुर में पीछे चल रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में ही धौरहरा सीट से कांग्रेस के दिवंगत नेता जितेंद्र प्रसाद के पुत्र जितिन प्रसाद तीसरे स्थान पर बताए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश की गुना सीट से खुद कांग्रेस नेता माधव राव सिंधिया के पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव हार गए हैं। एक अन्य कांग्रेस नेता दिवंगत मुरली देवड़ा के पुत्र मिलिंद देवड़ा मुंबई दक्षिण सीट हार गए।
राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत जोधपुर सीट हार गए। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह झालवाड़-बारन सीट से चुनाव जीत गए। बिहार की बात करें तो यहां लालू यादव की आरजेडी कीा खाता तक नहीं खुल सकता है। मुलायम की बेटी मीसा भारती पाटलीपुत्र सीट से हार गई हैं। जबकि तेलंगाना में मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी कविता कलवाकुंतला निजामाबाद से हार गईं।
Published on:
23 May 2019 11:14 pm
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