फारूक अब्दुल्ला बोले- ट्रंप उत्तर कोरिया से बात करते हैं, तो हम पाकिस्तान से क्यों नहीं

अब्दुल्ला ने कहा, 'मेरी बात आपको भले ही पंसद न हो लेकिन जम्मू-कश्मीर में तब तक शांति नहीं होगी जब तक हम पाकिस्तान के साथ समझौता नहीं करेंगे।'

By: Chandra Prakash

Published: 20 Jul 2018, 10:57 PM IST

नई दिल्ली: लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान को शामिल किए बगैर जम्मू-कश्मीर में शांति संभव नहीं है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार से कड़ा रुख का परित्याग कर आतंक प्रभावित राज्य की समस्याओं के समाधान के लिए लचीला रुख अपनाने को कहा।

अब्दुल्ला ने कहा, 'मेरी बात आपको भले ही पंसद न हो लेकिन जम्मू-कश्मीर में तब तक शांति नहीं होगी जब तक हम पाकिस्तान के साथ समझौता नहीं करेंगे।' उन्होंने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से काफी उम्मीद थी कि वह अटल बिहारी वाजपेयी जो नहीं कर पाए वह मोदी कर पाएंगे और पाकिस्तान से शांति समझौता करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि परमाणु बम बनाने वाला देश उत्तर कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ शांति समझौता किया। शांति स्थापित करने के लिए ट्रंप और पुतिन एक दूसरे से मिल रहे हैं।

वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता और सांसद तारिक अनवर ने बीजेपी को डूबता जहाज बताया और कहा कि अब कोई इस जहाज पर सवार होने को तैयार नहीं है। अनवर ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में कहा कि यदि मौजूदा हालात, जैसा कि बीजेपी कहती है, राम राज्य है, तो उन्हें आश्चर्य है कि फिर रावण राज क्या होगा।

बिहार के कटिहार से सांसद अनवर ने कहा, 'सरकार सबका साथ, सबका विकास के नारे के साथ सरकार में आई थी, लेकिन आज सरकार किसी के साथ नहीं है, और विकास गायब है।' उन्होंने कहा, 'बीजेपी सरकार के पिछले चार वर्षो में बेरोजगारी बढ़ी है, किसान नाराज हैं, महिलाएं असुरक्षित हैं और अल्पसंख्यक और कमजोर वर्ग भयभीत हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं। सरकार अच्छी विदेश नीति बनाने में भी विफल रही है।'

अनवर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने पिछले चार सालों में अधिकांश समय गांधी-नेहरू परिवार पर हमले करने में बिताया। सरकार राजनीतिक लाभ के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा, "उन्हें गांधी-नेहरू परिवार पर हमले करने के बदले देश के हालात सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। मोदी का अधिकांश भाषण कांग्रेस ने 60 सालों में क्या गलत किया और क्या कुछ नहीं किया, इसपर होता है।"

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