अनुच्छेद 370- फारुक अब्दुल्ला और महबूबा ने बनाया 'पीएजीडी' गठबंधन

  • 'पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकर डिक्लेरेशन' नाम का गठबंधन बनाया।
  • फारूक अब्दुल्ला ने कहा, जो लोग अभी भी जेलों में हैं, उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।
  • बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से हल हो कश्मीर का राजनीति मुद्दा ।

By: विकास गुप्ता

Published: 15 Oct 2020, 10:09 PM IST

श्रीनगर । नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला Farooq Abdullah के आवास पर गुरुवार को गुपकर घोषणा Gupkar Declaration के हस्ताक्षरकर्ताओं की सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला Omar Abdullah और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती Mehbooba Mufti भी उपस्थित रहीं। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि घोषणा के हस्ताक्षरकर्ता मुख्यधारा की कश्मीरी पार्टियों ने 5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर में किए गए संवैधानिक बदलावों को पलटने के लिए पीएजीडी People's Alliance for Gupkar Declaration गठबंधन किया है।

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'पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकर डिक्लेरेशन' नाम का गठबंधन बना-
फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "हमने इस गठबंधन को 'पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकर डिक्लेरेशन' (पीएजीडी) नाम दिया है। हमारी मांग है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को वो सारे अधिकार दिए जाएं, जो छीने गए हैं।"

बातचीत के माध्यम से हल हो मुद्दा-
अब्दुल्ला ने कहा, "हम चाहते हैं कि सभी हितधारकों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत के माध्यम से राज्य के राजनीतिक मुद्दे को जल्द से जल्द हल किया जाए।" बातचीत के माध्यम से जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक समस्या को शांतिपूर्ण तरीके से हल करना एक संवैधानिक लड़ाई है। उन्होंने कहा कि 14 महीने के बाद रिहा हुईं महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी गैरकानूनी, अनुचित और असंवैधानिक थी और उन्होंने मांग की कि जो लोग अभी भी जेलों में हैं, उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "राज्य के लोगों के साथ व्यापक चर्चा के लिए बैठकें आयोजित की जाएंगी।"

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जानिए क्या है गुपकर समझौता -
बता दें कि 4 अगस्त, 2019 की शाम को फारूक अब्दुल्ला के निवास पर महबूबा मुफ्ती, पीपुल्स कांफ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद गनी लोन, अवामी नेशनल कांफ्रेंस के मुजफ्फर शाह सहित कांग्रेस और कश्मीर के अन्य छोटे-बड़े राजनीतिकि दलों के नेताओं की बैठक हुई थी। बैठक में सभी नेताओं ने घोषणापत्र तैयार कर हस्ताक्षर किए थे। इस घोषणापत्र में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे से छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। यही घोषणा गुपकर घोषणा के तौर पर जानी जाती है।

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