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कर्नाटक विधानसभा चुनाव: श्रीनिवासपुर सीट पर कांग्रेस-जेडीएस में है मुकाबला, BJP रेस से है बाहर

श्रीनिवासपुर सीट पर कांग्रेस की तरफ से कैबिनेट मंत्री रमेश कुमार को जेडीएस के जी.के. वेंकटेश्वा रेड्डी चुनौती दे रहे हैं।

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Karnataka sriniwaspur seat

Karnataka Election

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही घंटों का समय बचा है। बीजेपी और कांग्रेस के साथ क्षेत्रीय पार्टियों ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जहां एक तरफ सत्तारूढ कांग्रेस कर्नाटक में अपना आखिरी किला बचाने के लिए लड़ रही है तो वहीं बीजेपी का मिशन है कांग्रेस मुक्त भारत, जिसकी तरफ बीजेपी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कर्नाटक के अंदर कुछ सीटें ऐसी भी हैं, जहां पर बीजेपी रेस से ही बाहर दिख रही है। ऐसी ही सीटों में से एक है श्रीनिवासपुर विधानसभा सीट, जहां 'किंग मेकर' की भूमिका निभाने का दावा करने वाली जनता दल-सेक्युलर के उम्मीदवार मौजूदा कैबिनेट मंत्री को चुनौती दे रहे हैं। वहीं बीजेपी तो इस सीट के लिए रेस से ही बाहर दिख रही है।

पांच बार के विधायक और राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यानी कांग्रेस के कद्दावर नेता के.आर. रमेश कुमार अपनी पारंपरिक सीट से इस बार फिर चुनाव मैदान में हैं। उनका मुकाबला जेडी-एस के जी.के. वेंकटेश्वा रेड्डी से है।

श्रीनिवासपुर सीट पर मतदाताओं का खेल
कर्नाटक विधानसभा सीट संख्या-144 यानी कोलार जिले के शहर श्रीनिवासपुर को 'आम के शहर' के नाम से भी जाना जाता है। यह आमों का सबसे बड़ा उत्पादक इलाका है। श्रीनिवासपुर विश्व में एकमात्र जगह है जहां आम की सभी 63 प्रजातियां पाई जाती हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के लिए बागवानी व्यवसाय का प्रमुख माध्यम है। श्रीनिवासपुर निर्वाचन क्षेत्र में करीब दो लाख से ज्यादा मतादाता हैं, जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,02,622 और महिला मतदाताओं की संख्या 1,01,532 हैं।

श्रीनिवासपुर सीट पर 2013 के नतीजे
इस जगह का जिक्र पौराणिक कथाओं में मिलता है। माना जाता है कि भगवान विष्णु ने यहां आकर कुछ समय बिताया था, जिसके बाद इस जगह का नाम श्रीनिवासपुर पड़ा। साल 2013 में श्रीनिवासपुर निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के मौजूदा विधायक के.आर. रमेश कुमार ने 51.19 प्रतिशत वोटों के साथ 83,426 वोट हासिल किए थे। जबकि जनता दल (सेक्युलर) के उम्मीदवार जी.के. वेंकटेश्वा रेड्डी ने 79,533 वोटों के साथ 48.81 प्रतिशत वोट वोट हासिल किए थे और दूसरे नंबर पर रहे थे।

यहां पर शुरूआत से ही कांग्रेस-जेडीएस के बीच रहा है मुकाबला
केंद्रीय मंत्री की इस सीट पर ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है, जब सिर्फ यहां लड़ाई कांग्रेस और जेडीएस के बीच ही है, बल्कि ऐसा ज्यादातर मुकाबलों में देखने को मिला है जब यहां पर मुकाबला सिर्फ कांग्रेस और जेडीएस के बीच ही रहा है। अब तक कुल 12 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने आठ मुकाबलों में जीत हासिल की है जबकि दो में जनता दल ने बाजी मारी है। इसके अलावा एक बार आईएनडी और एक बार एनसीओ ने चुनावों में जीत दर्ज की है। कांग्रेस की ओर से अकेले रमेश कुमार ने पांच बार यहां से चुनाव जीता है, इसके साथ ही वह 2018 चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं।

रमेश कुमार का राजनीतिक सफर
कांग्रेस के कद्दावर नेता और राज्य सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री का पद संभाल रहे के.आर. रमेश कुमार को पार्टी ने एक बार से चुनाव मैदान में उतारा है। रमेश कुमार को जून, 2016 में कैबिनेट मंत्री के रूप में सिद्ध रमैया की अगुआई वाली सरकार में शामिल किया गया था। रमेश कुमार ने सत्तर के दशक में कांग्रेस के साथ अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था, लेकिन अस्सी के दशक के मध्य में उन्होंने जनता पार्टी का दामन थाम लिया। इसके बाद, नब्बे के दशक में वह जनता दल में शामिल हो गए। रमेश कुमार ने वर्ष 2000 में घर वापसी करते हुए एक बार फिर कांग्रेस का हाथ थाम लिया था। उन्होंने अपने चालीस वर्ष के राजनीतिक करियर में कर्नाटक सरकार में कई पदों पर कार्य किया है।

कांग्रेस के रमेश कुमार को जेडीएस के वेंकटेश्वा रेड्डी देंगे चुनौती
श्रीनिवासपुर सीट पर कांग्रेस के रमेश कुमार को जेडीएस के जी.के. वेंकटेश्वा रेड्डी से चुनौती मिल रही है। रेड्डी ने कांग्रेस के साथ अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था और 1983 में पार्टी के बैनर तले चुनाव जीता था। इसके बाद उन्होंने 1989 और 1999 में भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता। लेकिन 2004 के चुनावों में पार्टी और उनके बीच गतिरोध के कारण उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया और जनता दल में शामिल हो गए। 2008 में जनता दल के टिकट पर चुनाव जीतने वाले वेंकटेश्वा रेड्डी एक बार फिर से चुनाव में जेडीएस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।

अन्य पार्टियों के ये हैं उम्मीदवार
श्रीनिवासपुर में अपना अस्तित्व तलाश रही भाजपा ने डॉ. वेणुगोपाल के.एन. को इन दो दिग्गजों के बीच मैदान में उतारा है। इनके अलावा मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने पी.आर.सूर्यनारायण, रिपब्लिकन सेना ने सत्या अरुं धति, ऑल इंडिया वुमेन इंपॉवरमेंट पार्टी ने संदीपा एम.जी. को दिग्गजों की जंग के साथ मैदान में खड़ा किया है। साथ ही छह निर्दलीय भी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पहले ही जेडी-एस को अपना समर्थन देने की घोषणा कर चुकी है।