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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घूसकांड को दुर्भाग्‍यपूर्ण बताया, सीबीआई की जांच सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर

पीएमओ ने अहम फैसला लेते हुए सीबीआई के दोनों सुपर बॉस को छुट्टी पर भेज दिया गया है। केंद्र सरकार की इस कार्रवाई को बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
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नई दिल्ली

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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 24 Oct 2018, 12:56 PM IST

arun jaitely

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घूसकांड को दुर्भाग्‍यपूर्ण बताया, सीबीआई की जांच सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर

नई दिल्‍ली। सीबीआई घूसकांड को लेकर मचे घमासान पर उठे सवाल के जवाब में वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि सीबीआई इस देश की प्रतिष्ठित संस्था है। इसकी अपनी साख रही है। साख बनी रहे इसके लिए केन्द्र सरकार तत्पर है। जेटली ने कहा कि सीबीआई में घूसकांड की वजह से विचित्र और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पैदा हुई है। दो वरिष्ठ डायरेक्टर पर सवाल उठे हैं। डायरेक्टर ने अपने नीचे और दूसरे नंबर के अधिकारी ने डायरेक्टर पर घूस लेने का आरोप लगाया है। इसकी जांच कौन करेगा यह सरकार के सामने सवाल है। उन्‍होंने कहा कि यह केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और न ही सरकार इसकी जांच करेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार का दायित्‍व सिर्फ सुपरवीजन का है।

सरकार पर उठे कई सवाल
बताया जा रहा है कि सीबीआई विवाद केंद्र सरकार के लिए सिददर्द साबित हो सकता है। इस विवाद को लेकर जिस तरह से रातोरात शीर्ष अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया उससे हर कोई हैरान है। इस फैसले के बाद से मोदी सरकार पर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। इन्‍हीं सवालों का जवाब वित्त मंत्री अरुण जेटली दे रहे हैं।

पीएम मोदी के अधीन है सीबीआई
दरअसल, सीबीआई कार्मिक मंत्रालय के अधीन आता है। इस मंत्रालय के प्रभारी पीएम मोदी हैं। इसके बावजूद सीबीआई जैसी शीर्ष जांच एजेंसियों के सुपर बॉस के बीच का पॉवर फाइट उभरकर सामने आना सरकार और देश दोनों के लिए सही संकेत नहीं है। पिछले दो दिनों में इससे सरकार की छवि पर बट्टा लगा है। बताया जा रहा है कि हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग कारोबारी मोइन कुरैशी को क्लीन चिट देने में कथित घूस लेने के आरोपों पर सीबीआई ने अपने ही स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना पर केस दर्ज किया। सीबीआई के निदेश आलोक वर्मा के आदेश पर केस दर्ज किया गया था। इसके बाद राकेश अस्थाना ने सीबीआई चीफ आलोक वर्मा पर भी दो करोड़ रुपए घूस लेने का आरोप लगा दिया। दोनों शीर्ष अफसरो के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप से सीबीआई की विश्वसनीयता पर उठते सवालों के बीच पीएम नरेंद्र मोदी के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है।

छुट्टी पर भेजे गए दोनों सुपर बॉस
सीबीआई घूसकांड मुद्दे पर शीर्ष अधिकारियों में चल रही जंग के कारण सीबीआई की किरकरी हो रही है। इस विवाद के बीच सरकार की तरफ से सीबीआई के दोनों शीर्ष अधिकारी सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया है। इस फैसले को सरकार का बड़ा एक्शन माना जा रहा है। लेकिन दोनों अधिकारी सरकार के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चले गए हैं।

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