
नई दिल्ली। विजय रुपाणी एकबार फिर गुजरात के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। बीजेपी ने लगातार दूसरी बार उनपर विश्वास जताया है। पहली बार उन्हें 7 अगस्त, 2016 को आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे के बाद राज्य की कमान सौंपी गई थी। रुपाणी एक गैर पटेल नेता हैं और पीएम मोदी के अलावा बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के भी बेहद खास हैं। विजय रुपाणी और उनकी पत्नी अंजिल बेन की मुलाकात बेहद दिलचस्प तरीके से हुई थी।
पहली ही मुलाकात में दिया दिल
अंजलि बेन भी रुपाणी की तरह संघ से जुड़ी थीं। संघ के प्रचारक के रुप में विजय रुपाणी अक्सर भ्रमण किया करते थे। रुपाणी को शुरु के दिनों से ही बाहर का खाना पसंद नहीं था। इस वजह से वो जिस भी गांव में जाते संघ के कार्यकर्ता के घर ही खाना खाते थे। एकबार वो प्रचार के सिलसिले में ही अहमदाबाद गए। संयोगवश वो यहां अंजलि बेन के घर ही खाना खाने पहुंचे। अंजलि बेन के पिता संघ के पुराने कार्यकर्ता थे। पहली ही मुलाकात में रुपाणी ने अंजलि बेन को अपना दिल दे दिया।कई सालों की मुलाकात और बातचीत के बाद दोनों परिवार ने आपसी सहमति से विवाह की अनुमति दी। इसके बाद पूरे भारतीय परंपरा के मुताबिक दोनों विवाह के बंधन में बंध गए।
संघ से सीएम पद का सफर
2 अगस्त 1956 को रंगून (म्यांमार) में जन्मे रुपाणी जैन समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। वर्ष 1971 में जनसंघ से जुडऩे वाले रूपाणी ने एबीवीपी से जुड़कर छात्र नेता के रूप में अपना राजनीतिक कॅरियर आरंभ किया। वे शुरुआत से ही संघ से जुड़े रहे। केशुभाई पटले के जमाने में बीजेपी ने विजय रुपाणी को चुनावी घोषणापत्र समीति का अध्यक्ष बनाया था। उन्होंने 2007 और 2012 विधानसभा चुनाव में सौराष्ट्र में बीजेपी को प्रचंड जीत दिलाई थी। वर्ष 2016 में करीब 15 वर्षों बाद सौराष्ट्र क्षेत्र से कोई गुजरात के सीएम की कुर्सी पर बैठा। गुजरात का सीएम बनने वाले रुपाणी इस क्षेत्र के पाचंवे शख्स हैं।
Updated on:
22 Dec 2017 08:43 pm
Published on:
22 Dec 2017 06:39 pm
