
नई दिल्ली। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव देब के महाभारत काल से इंटरनेट के दावों के बाद अब गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भी कुछ ऐसी ही टिप्पणी की है। उन्होंने रविवार को पौराणिक कहानियों के पात्र 'नारद' की तुलना गूगल से कर दी। उनका कहना है कि जैसे इंटरनेट सर्च इंजन गूगल आज के दौर में है वैसे ही उस समय ऋषि नारद को पूरी दुनिया की जानकारी थी।
'नारद सूचना के भंडार थे'
रविवार को 'देवर्षि नारद जयंती' के उत्सव में आयोजित किए गए कार्यक्रम के दौरान अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह आज के समय को देख कर पता चलता है कि नारद सूचना के भंडार थे। जिनके पास पूरी दुनिया की जानकारी थी ... वो इन सूचनाओं के अनुसार काम किया करते थे... उनके अनुसार जानकारी इकट्ठा करना मानव जाति के सुधार के लिए उनका धर्म था, और यह बहुत जरूरी है।
इस कारण की तुलना
उन्होंने गूगल की तुलना नारद से करते हुए कहा कि गूगल भी नारद की तरह सूचनाओं का स्रोत है, क्योंकि वह भी दुनिया में होने वाली हर घटना के बारे में जानते थे।
लोकतंत्र में एक तटस्थ मीडिया महत्वपूर्ण
मीडिया की आजादी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में एक तटस्थ मीडिया महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि मीडिया सरकार के कामकाज पर टिप्पणी कर सकता है, लेकिन इसे "तटस्थ और प्रामाणिक" होना चाहिए।
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पहले त्रिपुरा के सीएम बिप्लव देब ने भी दिया था ऐसा बयान
आपको बता दें कि इससे पहले त्रिपुरा के सीएम बिप्लव देब ने भी अपने एक बयान को लेकर चर्चा में आए थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में लाखों साल पहले भी इंटरनेट था। दुनिया के दूसरे देश भले ही इंटरनेट और सैटेलाइट के अविष्कार का दावा करते हों पर इनका अविष्कार भारत में महाभारत काल में ही हो चुका था। इंटरनेट की वजह से ही धृतराष्ट्र घर बैठे महाभारत के युद्ध की पूरी जानकारी हासिल कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा थी कि मैं गर्व करता हूं कि मेरा जन्म इस देश में हुआ है, जो देश टेक्नोलॉजी में दुनिया में सबसे आगे चल रहा था।
Published on:
30 Apr 2018, 11:42 AM IST
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