
नई दिल्ली। गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 के लिए हुई वोटिंग की काउंटिंग जारी है। हालांकि गुजरात और हिमाचल प्रदेश दोनों ही राज्यों में बीजेपी सरकार बनाती नजर आ रही है। लेकिन शायद आपको मालूम नहीं होगा कि राज्य में एक ऐसी विधानसभा सीट भी है, जिसको हासिल करने में बीजेपी और कांग्रेस दोनों नहीं जी जान लगा रखी थी। दरअसल, इस सीट का इतिहास ही कुछ ऐसा है। हालांकि इस बार बीजेपी ने जरूर इस इतिहास को बदलकर रखा दिया है।
ये है सीट का इतिहास
दरअसल, राज्य में 36 ऐसी सीटे हैं, जो सीधे मुस्लिम मतदाता से प्रभावित हैं। उनमे से ही एक वह एतिहासिक सीट है, जिसका नाम दभाई है। बता दें ऐसा माना जाता है कि 1962 से अब तक इस विधानसभा सीट का यह इतिहास रहा है कि यहां एक पार्टी से जीता कैंडिडेट दोबारा से विजयी नहीं हो पाता। यह विधानसभा क्षेत्र गुजरात के वडोदरा जिले में आता है। हालांकि यहां पर पाटीदार वोटर्स से अधिक संख्या में (45,854) हैं, लेकिन यहां मुस्लिम मतदाता चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या (22,321) के आसपास है।
ये हैं अन्य मतदाता —
एसटी— 47,040
बक्शी पंच (ओबीसी)— 44,026
एसएसी— 10,413
राजपूत— 9,443
ब्राह्मण— 5,642 हैं।
बीजेपी ने तोड़ा रिकॉर्ड
एक ओर जहां राजीनिक पंडित इस सीट पर अपनी पैनी निगाहें लगाए थे, वहीं बीजेपी ने इस बार इस विधानसभा क्षेत्र का इतिहास ही बदल दिया है। यहां कांटे की टक्कर के बीच बीजेपी के मेहता शैलेश भाई कन्हैया लाल ने कांग्रेस के पटेल सिद्यार्थ चिमनभाई को करारी शिकस्त दी है। इस सीट से बीजेपी को 77945 तो कांग्रेस को 75106 वोट मिला है। गुजरात में कुल मतदाताओं की संख्या 4.33 करोड़ है। पिछले चुनाव में यहां मतदाताओं की संख्या 4.27 करोड़ थी। पिछले चुनाव के 44,579 मतदान केंद्र के मुकाबले इस बार 50,128 मतदाता केंद्र बनाए गए थे। सभी मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के साथ वीवीपैट लगाए जाएंगे ताकि मतदाता यह देख सके कि उसने किस उम्मीदवार और चिह्न को वोट दिया है। गुजरात में 182 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में नौ और 14 दिसम्बर को वोट डाले गए।
Updated on:
18 Dec 2017 07:19 pm
Published on:
18 Dec 2017 06:51 pm
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